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व्यंग कविता : कानपुर में lockdown के दौरान घूमने की इच्छा हो तो पढ़ें
April 5, 2020 • दीपक शुक्ला

*कानपुर में lockdown के दौरान घूमने की इच्छा हो तो पढ़ें*

*बिगाड़ देंगे हुलिया* ,
*पहुँचे जो,डबल पुलिया*,

 
*"पुलिस खड़ी है डगर डगर*।
*आ मत जाना स्वरुप नगर* ।"

*"लठ सज़ा रखे हैं हर एक मोड़ पर*।
*निकलो तो सही  बिरहाना रोड पर*।"

*लाल कर देंगे पिछवाड़ा*
*घूमने जो गये,मोतीझील का फव्वारा* ,

*"शरीर में लगा देंगे जंग*
*जो तुम आये नवाबगंज*" 

*बदन से निकलेगी आग*।
*आ मत जाना फूलबाग*।।

*लगा न पाओगे ,तुम अपने मरहम* ,
*मस्तियाने जो,पहुँचे कल्याण  पुरम*

*दो लाइन ओर* 

*मार मार के कर देंगे टांगे मोटी*।
*टहलने ,जो पहुंचे, कानपुर यूनिवर्सिटी

*घर वाला भी न पहचान पाएगा*
*अगर अब तु संजय वन आएगा*

*अरे अभी तो ये भी है*

 *उतार देंगे सारी दादागिरी*,
*आ मत जाना  बारादेवी* 

*पापा की परी,को जो घूमने की पड़ी*
*गोविन्द नगर चौराहे पर ,महिला पुलिस है, खड़ी*

*लंगड़ाते जाओगे अपने घर की डगर*
*आ कर तो देखो Transport नगर*।।

*तोड़ देंगे शारीर का कोना कोना*
*जहाँ दिख गए sweety और बाबू सोना*

*सिर्फ कानपुर वालो के लिए*🤣😂🙋🏻‍♂