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वुहान की सरकारी लैब से लीक हुआ कोरोना वायरस, ब्रिटेन की कोबरा टीम ने की चीन की जासूसी
April 5, 2020 • दीपक शुक्ला • Health

*Corona Virus: वुहान की सरकारी लैब से लीक हुआ कोरोना वायरस, ब्रिटेन की कोबरा टीम ने की चीन की जासूसी*!

*लंदन। एकबार फिर ऐसी खबरें सुर्खियां बन रही हैं कि कोरोना वायरस चमगादड़ों से नहीं बल्कि चीन की खुफिया लैब से ही निकला है। इसके लिए बाकायदा अब इंग्लैण्ड और कुछ यूरोपीय देशों ने चीन में अपने जासूस भी सक्रिय कर दिये हैं। फरवरी के शुरू में पश्चिमी देशों की मीडिया में इस तरह की खबरें खूब छपीं थीं। उस वक्त चीन के विरोध और मानवीयता का नाम लेकर खबरें दबा दी गयीं या हटा लीं गयीं*।

*कुछ वैज्ञानिकों ने यह सवाल भी किया कि चीन के वुहान से निकला वायरस चीन की राजधानी बीजिंग नहीं पहुंचा लेकिन न्यूयॉर्क और लंदन कैसे पहुंच गया। इटली और स्पैन को लेकर भी ऐसे सवाल उठ रहे हैं कि जितने लोग मिलान से वुहान आते-जाते हैं उससे कहीं ज्यादा चीन के अपने शहरों के लोग रोजाना वुहान आते-जाते हैं लेकिन वुहान के अलावा एक दो अन्य शहरों को छोड़कर पूरा चीन कोरोना से अछूता रहा*।

*बहरहाल, लोग अब इस थ्योरी पर विश्वास नहीं कर रहे कि कोरोना वायरस चीन के एनिमल मार्केट से फैला। ब्रिटेन सरकार को खुफिया सूचना मिली है कि वायरस का संक्रमण पहले चीनी लैब से जानवरों में हुआ और उसके बाद वह इंसानों में फैला, जो घातक रूप ले चुका है*।

*ब्रिटेन के शीर्ष सरकारी सूत्रों का कहना है कि भले ही अब तक वैज्ञानिक सुझाव यही रहा हो कि वायरस वुहान के पशु बाजार से इंसानों में फैला, लेकिन चीनी लैब से हुई लीक के फैक्ट को दरकिनार नहीं किया जा सकता है। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बोरिस जॉनसन ने आपात कोबरा सिक्योरिटी कमेटी गठित की है। इस कमेटी के एक सदस्य ने कहा कि पिछली रात खुफिया सूचना मिली, जिसके मुताबिक इस बात को लेकर कोई दो राय नहीं है कि वायरस जानवरों से ही फैला है, लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया गया है कि वायरस वुहान की लैब से लीक होकर ही सबसे पहले इंसानों में फैला था*।

*कोबरा को सिक्यॉरिटी सर्विस ने इस संबंध में डिटेल जानकारी दी है। इसने कहा, ‘वायरस की प्रकृति को लेकर एक विश्वसनीय वैकल्पिक विचार हैं। संभवतः यह महज संयोग नहीं है कि वुहान में लैब मौजूद हैं। इस तथ्य को छोड़ा नहीं जा सकता।’ वुहान में इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी मौजूद है। चीन में यह सबसे ऐडवांस लैब है। यह इंस्टिट्यूट जानवरों के बाजार से महज 10 मील दूर स्थित है। उल्लेखनीय है कि चीनी अखबार पीपल्स डेली ने 2018 में कहा था कि यह घातक इबोला वायरस जैसे माइक्रोऑर्गेनिजम पर प्रयोग करने में समक्ष है*।

*ऐसी खबरें भी आई थीं कि इंस्टिट्यूट के कर्मचारियों के ब्लड में इसका इन्फेक्शन हुआ और फिर इसने स्थानीय आबादी को संक्रमित किया। वहीं वुहान सेटंर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल भी बाजार से तीन मील दूर है। माना जाता है कि यहां भी जानवरों जैसे चमगादड़ पर प्रयोग किए गए हैं, ताकि कोरोना वायरस के ट्रांसमिशन का पता चल सके*।