ALL Crime Politics Social Education Health
स्वास्थ्य विभाग की महिलाओं के साथ सर्वे के दौरान की अभद्रता, और किए अश्लील कमेंट पास
April 12, 2020 • आशू यादव • Crime

*आशू यादव की खास रिपोर्ट SUB Bureau Chif Kanpur*


*पूरे देश मे घण्टा थाली पीट कर इन का उत्साहवर्धन किया जा रहा है*

*इस महामारी की लड़ाई में आम शहर वासियों से पहले सीना ताने खड़े हैं डॉक्टर एव स्टाफ*

*शहर में मास्क लगाने के जिलाधिकारी के आदेश को भी ये युवक माखोल बनाते नज़र आये देखें फ़ोटो*

*कानपुर । पूरा देश में कोरोना वायरस की महामारी फैली हुई है । जिससे देश लड़ रहा है लेकिन कुछ विभाग ऐसे हैं जो इस महामारी से आँख से आँख* *मिला कर लड़ रहे हैं जहाँ आम शहरवासियों से अपने अपने घर मे रह कर इस लड़ाई में साथ देने का 
निवेदन किया जा रहा हैं ।

 वहीं डॉक्टर,पुलिस, सफाई कर्मी, रोडो पर रह कर इस महामारी की लड़ाई में आम शहर वासियों से पहले सीना ताने खड़े हैं । देश के प्रधानमंत्री के आह्वान पर बीते दिनों पूरे देश मे घण्टा थाली पीट* *कर इन का उत्साहवर्धन किया था । अब शहर के जागरूक लोग इन लोगो का सम्मान भी कर रहे हैं ।*


*लेकिन कुछ लोग हैं जो छोटी मानसिकता रखते हैं और ऐसी हरकत करते हैं । जिस की* *जितनी भी सजा दी जाय कम हैं । ऐसी ही एक घटना थाना चमनगंज अंतर्गत 4 लोगो ने की मामला कुछ इस प्रकार है आज स्वास्थय विभाग की टीमें क्षेत्र में सर्वे कर रहीं थीं । तभी स्टाफ नर्सों के साथ छेड़खानी,अश्लील हरकतें करने के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए हुए गाली गलौज करने लगे । 

स्टाफ नर्सों ने जैसे ही इस कि शिकायत थाना चमनगंज में की थाना प्रभारी ने तत्काल ब्रज मोहन पाल चौकी इंचार्ज दलेल पुरवा प्रमोद कुमार* *राव चौकी प्रभारी हलीम कॉलेज को युवकों को पकड़ने को कहा । दोनों ने घटना स्थल पर जा कर चार युवक कलीम पुत्र जलील अहमद ,अमजद अंसारी पुत्र जलील अंसारी, बजी अहमद अंसारी पुत्र रफीक अहमद, सलीम पुत्र जलील अहमद सभी निवासी चमनगंज को गिरफ्तार कर के मुकदमा पंजीकृत कर लिया है ।*

*शहर में मास्क लगाने के जिलाधिकारी के आदेश को भी ये युवक माखोल बनाते नज़र आये देखें फ़ोटो सूत्रों की माने तो ये चारों जब से लॉक डाउन शुरू हुआ है जब से क्षेत्र में बेज़ा हरकते कर रहे थे । इस वक़्त जब मसाला प्रतिबंधित है ये लोग खुले आम क्षेत्र में बेच रहे थे । अफसोस कि बात तो ये है । कि ये पुलिस इन चारों को थाने ले कर पहुच भी नही पाई थी । उस पहले सिफारिशे पहुचने लगी थीं ।*