सुरक्षा का विनाश, सीएए और एनआरसी के प्रोटेस्ट पर गोली फिर से आज।
February 2, 2020 • Montoo raja

सीएए और एनआरसी के विरोध में दिल्ली की कई जगहों पर प्रदर्शन जारी है।
शाहीन बाग और जेएनयू प्रदर्शनकारियों के मुख्य स्थल नजर आ रहे हैं। जहां पर हजारों की तादाद में लोग शामिल हैं और शाहीन बाग की अगर बात की जाए तो पिछले 46 दिन से प्रदर्शन जारी है। जिसमें ज्यादातर महिलाएं नजर आ रही हैं और अब कई राजनैतिक व अन्य संगठन भी शाहीन बाग में मंच पर प्रदर्शनकारियों का हौसला अफजाई करते नजर आ रहे हैं।

जामिया नगर में प्रदर्शनकारी युवक के ऊपर एक नाबालिग ने गोली चलाई जिसके बाद प्रदर्शनकारियों का आक्रोश काफी बढ़ गया परंतु पुलिस और छात्रों के माता-पिता व अध्यापकों की सहज से इस तिथि गंभीर होने से बच गई। अभी यह वारदात पुरानी भी नहीं हुई थी कि आज 1 फरवरी 2020 को एक युवक ने शाहीन बाग में दो हवाई फायर कर दिए और हवाई फायर करने के बाद जब पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया तो युवक ने एक बयान दिया जिसमें वह कहता हुआ नजर आया कि हिंदुस्तान पर राज सिर्फ हिंदू ही करेगा और किसी की नहीं चलेगी। अब सवाल यह उठता है कि इस सोच को कौन बन पा रहा है बीजेपी के कई नेता यह कहते हैं कि शाहीन बाग एक सोच में तब्दील हो गया है अगर यह बात मानी जाए तो किस हद तक यह कहना सही होगा की ऐसी विचारधारा और ऐसी सोच वाले लोग जो प्रदर्शनकारियों के ऊपर गोलियां चला रहे हैं वह किस सोच के लोग हैं और उनकी मानसिकता देश व समाज के लिए क्या है।

मोटे तौर पर अगर देखा जाए तो शाहीन बाग दो सांप्रदायिक हिस्सों में तब्दील हो गया है बीजेपी और आर एस एस के लोक अपनी राजनीति रोटियां सेकने में लगे हैं और शाहीन बाग को एक युद्ध स्थल में तब्दील करने में लगे हैं दिल्ली हिंदुस्तान की राजधानी होने के नाते किस तरह की कानून व्यवस्था है और कहां से ऐसी विचारधारा के युवकों को हौसला मिलता है कि वह खुलेआम सैकड़ों लोगों के सामने आकर गोलीबारी करते हैं।

पुलिस ने गोली चलाने वाले युवक की पहचान कपिल गुर्जर के नाम से हुई है वह पुलिस ने कपिल गुर्जर को अपने हिरासत में ले लिया है।

आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्वीट में अमित शाह गृह मंत्री से भी पूछा है कि दिल्ली के अंदर यह सब क्या करवाया जा रहा है दिल्ली की कानून व्यवस्था ठप पड़ी हुई है जिसके कारण इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है।

वहीं शाहीन बाग में बैठे प्रदर्शनकारी भी इस बात को मानते हैं कि इस तरह की घटना को अंजाम देने वाले युवकों को पुलिस का सहयोग व सरकार का सहयोग मिल रहा है जोकि ऐसे युवकों का मनोबल बढ़ा रही है। जब बीजेपी के केंद्र मंत्री ही ऐसे भड़काऊ भाषण जनसभाओं में देंगे तो देश के युवाओं की सोच और समझ किस दिशा में जाएगी उसके परिणाम आज हमें देखने को मिल रहे हैं।