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सरकार की बड़ी कार्यवाही, आयोजकों पर एफ.आई.आर, मरकज में शामिल विदेशियों का वीजा जप्त
April 1, 2020 • आशू यादव

*आशू यादव की खास रिपोर्ट SUB BEAURO CHIEF कानपुर*✒️
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 *जेएनएन, नई दिल्ली। केंद्र* *सरकार ने निजामुद्दीन के तब्लीगी जमात में शामिल विदेशियों के वीजा रद करने के साथ ही उन्हें तत्काल वापस भेजने का आदेश दिया है। साथ ही अब जमात के किसी भी सदस्य को वीजा नहीं मिलेगा। यह फैसला इस तथ्य के सामने आने के बाद लिया गया, जब पता चला कि एक जनवरी से अब तक 2100 विदेशी कार्यकर्ता भारत आए और देश के विभिन्न हिस्सों में तब्लीगी गतिविधियों को अंजाम दिया।*

*इस बीच मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने तब्लीगी मरकज के प्रमुख मौलाना साद और प्रबंधन से जुड़े लोगों के खिलाफ महामारी रोग अधिनियम की विभिन्न धाराओं और आपराधिक साजिश रचने की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोप है कि इन लोगों ने कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम, उपचार और सुरक्षा उपायों की पूरी तरह से अनदेखी की, जबकि दिल्ली में जनता कफ्र्यू से पहले ही पांच से अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने की मनाही थी।*

*गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस प्रमुखों को लिखे पत्र में कहा है कि वो तब्लीगी जमात के विदेशी सदस्यों को तत्काल ढूंढकर उन्हें क्वारंटाइन कराएं। जिनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आती है उन्हें पहली फ्लाइट से वापस उनके देश भेजें। केंद्र के निर्देश के बाद राज्यों में तब्लीगी जमात के विदेशी सदस्यों की तलाश तेज हो गई है।*

*गृह मंत्रालय ने तब्लीगी जमात में शामिल होने के लिए आने वाले विदेशियों को अब टूरिस्ट वीजा नहीं जारी करने का फैसला भी किया है। मरकज में शामिल होने आए विदेशियों, जिसमें ज्यादातर धर्म उपदेशक हैं, उनके खिलाफ वीजा नियमों का उल्लंघन का केस भी चल सकता है। ये सभी टूरिस्ट वीजा लेकर भारत आए थे। जबकि धर्म का प्रचार करना वीजा नियमों का उल्लंघन है।*

*दिल्ली नगर निगम ने भी मरकज की जांच शुरू कर दी है। इसमें इमारत को अनधिकृत रूप से बनाए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद इमारत को सील किया जा सकता है।*

*संक्रमण की जमात*

*आयोजकों पर एफआइआर, शामिल लोगों की तलाश तेज*

*जमात के किसी भी विदेशी सदस्य को अब टूरिस्ट वीजा नहीं*

*कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम, उपचार और सुरक्षा उपायों को किया अनदेखा*

*नंबर गेम*

*-1548 लोग तब्लीगी मरकज से निकले।*

*441 में कोरोना के लक्षण पाए गए।*

*1107 को भेजा गया क्वारंटाइन सेंटर।*

*-24 के कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टि।*

*2100-विदेशी तब्लीगी कार्यकर्ता देश में आए थे।*

*लॉकडाउन के बाद भी जुटे लोग*

*तब्लीगी मरकज में पूरे साल आते रहते हैं। 12 से 15 मार्च के बीच यहां हुए कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सैकड़ों लोग देश के विभिन्न राज्यों में वापस चले गए। इसके बाद भी आने वालों का सिलसिला चलता रहा। इसी बीच 22 मार्च को हुए लॉकडाउन के बाद भी यहां सैकड़ों लोग जुटे हुए थे। इनमें सैकड़ों विदेशी भी शामिल थे। रविवार और सोमवार को यहां रुके 24 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जमात में शामिल तेलंगाना के रहने वाले 6 लोगों की सोमवार को कोरोना से मौत भी हो गई थी।*

*प्रबंधन ने कहा, लॉकडाउन से फंस गई थी जमात*

*तब्लीगी मरकज के प्रबंधन ने दावा किया कि लॉकडाउन की वजह से ये लोग मरकज में फंस गए थे, जिन्हें निकाले जाने को लेकर पुलिस-प्रशासन से मदद मांगी गई थी, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।*

*उप्र में 95 फीसद लोग चिन्हित*

*तब्लीगी जमात में शामिल 95 फीसद लोग चिन्हित कर लिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि दिल्ली की तब्लीगी जमात में शामिल लोगों में सिर्फ 10-12 लोग बचे हैं, जिनकी तलाश के लिए सभी जिलाधिकारी और सीएमओ को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।*

*बिहार आए इंडोनेशियाई की हुई थी मौत*

*तब्लीगी मरकज में शामिल होने के बाद बिहार आए एक इंडोनेशियाई नागरिक की बिहार के अररिया में 26 मार्च को मौत हो गई थी। वह अपने जत्थे के साथ अररिया लौटा था। यद्यपि, अररिया के डीएम इसे स्वाभाविक मौत बता रहे हैं। अभी तक 146 लोगों की सूची तैयार की गई है जो तब्लीगी मरकज में शामिल हुए थे।* 

*हिमाचल-पंजाब के लोग क्वारंटाइन*

*तब्लीगी मरकज में शामिल पंजाब के सभी नौ लोगों की पहचान कर उन्हें दिल्ली में ही क्वारंटाइन कर दिया गया है। वहीं हिमाचल के 17 लोगों को भी दिल्ली में ही क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है। वहीं मरकज में राजस्थान के 22 लोग शामिल थे। ये लोग 18 मार्च को दिल्ली से आ गए थे। स्क्रीनिंग में किसी में कोरोना के लक्षण नहीं मिले।*

*विज ने कहा, चलते-फिरते एटम बम*

*मरकज में करीब 130 लोग हरियाणा के अलग-अलग जिलों में पहुंचे हैं। हरियाणा सरकार ने इन सभी को ढूंढने तथा उन्हें हिरासत में लेकर उनके कोरोना टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्री अनिल विज ने इन लोगों को चलते-फिरते एटम बम की संज्ञा दी है।*