ALL Crime Politics Social Education Health
पिता को पुलिस ने मारा, मां काे भीड़ ने दी मौत फिर आईजी ने लिया गौरी को गोद
March 15, 2020 • आशू यादव

*बिग ब्रेकिंग*

*पिता को पुलिस ने मारा, मां काे भीड़ ने दी मौत फिर आईजी ने लिया गौरी को गोद अब मिला बुआ का आंगन*

*फर्रुखाबाद के करथिया कांड के डेढ़ माह बाद बुआ ने बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष को प्रार्थना पत्र देकर सुभाष की बेटी गौरी को गोद लेने की इच्छा जताई। बुआ ने भतीजी को शहर में पढ़ाने व ठीक से लालन पालन करने की बात लिखकर दी है।* *रविवार को बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व मोहम्मदाबाद कोतवाल की मौजूदगी में उसे बुआ की सुपुर्दगी में दिया गया। अब बुआ के आंगन में ही गौरी पले बढ़ेगी। इससे पहले उसे आईजी ने गोद लिया था। मोहम्मदाबाद कोतवाली के गांव करथिया निवासी सुभाष बाथम व उसकी पत्नी रूबी ने 30 जनवरी को गांव के 23 बच्चों को बंधक बना लिया था। सुभाष ने पुलिस व गांव के बालू दुबे पर फायर कर दिया था। आईजी जोन मोहित अग्रवाल के निर्देशन में जवाबी कार्रवाई में सुभाष मारा गया और सभी बच्चों को बंधनमुक्त करवा लिया गया था। भीड़ की पिटाई से घायल उसकी पत्नी रूबी की भी मौत हो गई थी। सुभाष व रूबी* *की एकमात्र संतान गौरी को आईजी जोन ने गोद ले लिया। आईजी के आदेश पर गौरी को मोहम्मदाबाद कोतवाली की सिपाही रजनी के सुपुर्दगी में दे दिया गया था। तब से गौरी वहीं पल रही थी। आईजी ने गौरी के पालन के लिए दस हजार रुपये दिए थे। इनाम में मिली एक लाख की धनराशि की एफडी गौरी के नाम कर दी थी। आईजी की पत्नी प्रेरणा ने भी गौरी को उपहार दिए थे। गौरी की बुआ वेदवती पत्नी अजय निवासी शहर के मोहल्ला अंगूरीबाग (मूल निवासी गांव* *ढुइयां) ने डीएम मानवेंद्र सिंह व बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष संजीव गंगवार को प्रार्थना पत्र देकर गौरी को गोद लेने की इच्छा जताई। वेदवती ने बताया कि पति* अजय दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। वह अपने बच्चों के साथ गौरी को भी पालेगी। इस पर रविवार दोपहर पुलिस लाइन में गोदनामा लिखवाने के बाद गौरी को वेदवती की सुपुर्दगी में दे दिया गया। उसके साथ उसकी ननद रेनू भी थी। डेढ़ माह से अपने बच्चों के साथ गौरी को पाल रही सिपाही रजनी रविवार को भावुक हो गई। गौरी को उसकी बुआ की गोद में देने के बाद उसकी आंखों में आंसू आ गए। वहीं गौरी बुआ की गोद में जाने के बाद उतरने को तैयार नहीं हुई।*