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पीएम मोदी के दावे के उलट असम के डिटेंशन सेंटरों में 802 लोग बंद
March 11, 2020 • M Rizwan

पीएम मोदी के दावे के उलट असम के डिटेंशन सेंटरों में 802 लोग बंद

Mar 11, 2020

देश भर में सीएए और एनआरसी को लेकर बवाल जारी है। लोगों को अपनी नागरिकता छिन जाने और डिटेंशन सेंटरों को लेकर डर सता रहा है। इसी बीच बुधवार को राज्यसभा में मोदी सरकार की और से बताया गया कि असम में इस वक्त बने डिटेंशन सेंटर में 802 लोग बंद हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने 6 मार्च, 2020 तक की ये जानकारी दी।

हालांकि पिछले साल दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली में इसका पुरजोर खंडन करते हुए दावा किया हिंदुस्तान में कोई डिटेंशन सेंटर है ही नहीं। मोदी ने अपने भाषण में ये भी कहा है कि CAA भारत के किसी हिंदू या मुसलमान के लिए है ही नहीं, ये संसद में बोला गया है और संसद में झूठ नहीं बोला जाता है।

मोदी ने कहा, ‘शहरों में रहने वाले कुछ पढ़े-लिखे नक्सली, अर्बन नक्सल, ये अफवाह फैला रहे हैं कि सारे मुसलमानों को डिटेंशन सेंटर में भेज दिया जाएगा। मैं हैरान हूं कि इस अफवाह पर अच्छे-अच्छे पढ़े-लिखे लोग भी पूछ रहे हैं ये डिटेंशन सेंटर क्या होता है….कैसा झूठ….एकतरफा। मीडिया वाले लोग पूछ रहे थे कि जरा बताइए डिटेंशन सेंटर कहां बना है। आपको पता है क्या। तो सामने वाले उनको कह रहे थे कि हमने सुना है इसलिए कह रहे हैं। कोई जवाब नहीं। झूठ चलाया जा रहा है।

अरे भाई, कुछ तो अपनी शिक्षा की कद्र कीजिए। एक बार पढ़ तो लीजिए। ये संविधान संशोधन और NRC ये सब है क्या? आप तो पढ़े-लिखे लोग हो। मैं देश के नौजवानों को आग्रह करता हूं कि जरा पढ़िए इसको। अब भी जो भ्रम में हैं, मैं उन्हें कहूंगा कि कांग्रेस और अर्बन नक्सलियों द्वारा उड़ाई गई डिटेंशन सेंटर की अफवाहें सरासर झूठ हैं। बद-इरादे वाली हैं। देश को तबाह करने के नापाक इरादे से भरी पड़ी हैं। ये झूठ है, झूठ है, झूठ है।’

हालांकि अब खुद मोदी सरकार ने संसद को असम में डिटेंशन सेंटर होने के बारे में जानकारी दी। साथ ही कहा कि इनमे 802 लोग बंद हैं। बता दें कि असम में एनआरसी के तहत बाहर हुए लोग और डिटेंशन सेंटर का मसला काफी समय से देश में चर्चा में है।

असम में 2019 में एनआरसी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। जिसमें 19,06,657 लोगों को बाहर कर दिया गया था। एनआरसी के दौरान 3,30,27,661 लोगों ने नागरिकता के लिए आवेदन किया था, जिसमें से 3,11,21,004 लोगों के नाम उस लिस्ट में शामिल किए गए थे।