ALL Crime Politics Social Education Health
पापी पेट का लॉकडाउन करा दो : डॉ. रेणु देवी (प्रसिद्ध कवयित्री)
May 23, 2020 • Ashu yadav • Social

आशू यादव की खास रिपोर्ट SUB Bureau Chief Kanpur✒️✒️
➖➖➖➖➖➖➖➖
     भ्रष्टाचार और जुर्म के खिलाफ हर पल आपके साथ
➖➖➖➖➖➖➖➖


पापी पेट का लॉकडाउन करा दो : डॉ. रेणु देवी (प्रसिद्ध कवयित्री)

 

 लॉकडाउन है मुसाफिर कहाँ जा रहा है।
ना गाड़ी, ना बस, ना है कोई साधन।
क्यूँ फिर भी ये पैदल चला जा रहा है।

तुझमें कहाँ से हौसला इतना आया।
गर्म तपती सड़क पे ना पेड़ों की छाया।
ना डंडे का डर ना फरमान भाए।
क्यूँ भूखा ही तू ये कहाँ जा रहा है
लॉकडाउन है मुसाफिर कहाँ जा रहा है।

क्यूँ लादे सिरों पे ये मासूम बच्चे।
एक पोटली में बांधे जहाँ अपना सारा
उठा बोझ बेबस हुआ आज इतना,
बाँध पेटों पर पट्टी चला जा रहा है।
लॉकडाउन है मुसाफिर कहाँ जा रहा है।

आँख नम है मगर प्यास बुझती नहीं है।
क्यूँ हूँ बेबस ये दुनिया समझती नहीं है।
मार पे मार मुझको सिपहिया लगाए।
वक़्त का मारा हूँ मैं कोई ये बताए।
लॉकडाउन में रुक तो जाऊं मगर मैं।
रहूँ कहाँ, किससे मांगू मैं रोटी।
भूख डरती नहीं कोरोना के डराए…

चल रहा लॉकडाउन इसे भी बता दो।
एक लॉकडाउन पापी पेट का करा दो।
भूख लगती इसे ये ना माने।
वायरस है फैला हवा में ना जाने।
ना मास्क है ना सेनिटाइजर लगाए।
भूख मिटती नही इसकी वादों से हाय!
लेके टूटे सपने चला जा रहा है।
लॉकडाउन है मुसाफिर कहाँ जा रहा है।