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लॉक डाउन के चलते कानपुर में शुरू हुई काला बाजारी
March 28, 2020 • Deepak shukla

*एन्टी करप्शन इंडिया न्यूज कानपुर रिपोर्ट*
*28 मार्च 2020 कानपुर*

लॉक डाउन के चलते कानपुर में शुरू हुई काला बाजारी

लॉक डाउन के दौरान कानपुर में काला बाजारी की नई पराकाष्ठा लिखी जाने लगी । काला बाजारी करने में थोक व्यापारी सर्वाधिक योगदान अपना पुराना स्टॉक को ऊँचे दाम में बेचकर अपना स्टॉक खाली करने में लगे है । इसका असर ये है कि फुटकर व्यापारी मजबूरी में महंगा खरीद के बेच रहे है । इसका सीधा असर जनता के ऊपर पड़ने लगा है ।लॉक डाउन में डेली कमाने खाने वाले मजदूर कैसे जीवन यापन ऐसे दौर में कर पायेगा । ऐसे में ये देखा जा रहा है कि अगर ऐसे ही हालात रहे तो भुखमरी की नौबत आ सकती है । इसके लिए सरकार को ठोंस कदम उठाने की जरूरत है । 

सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर समान नही बिक रहा बाजार में
आंटा 50-54  रु 
चीनी 50-60 रु
दाल अरहर  100-150 रु
आलू  35-40 रु
टमाटर 50-60 रु
उपरोक्त दिए गए मूल्यों पर कालाबाजारी हो रही है 
योगी सरकार ने तत्काल रूप से गुटखा पे रोक लगा दी है इसके बावजूद बाजारों में गुटखा 3 गुना ज्यादा मूल्यों पर बिक रहे है । और पहले की अपेक्षा इसकी बिक्री 10 गुना ज्यादा तक बढ़ गयी है और कालाबाजारी गुटखे में हो रही है ।

ठीक इसी प्रकार दवाये,जेनेरिक दवाये,सर्जिकल समान, में भी कालाबाजारी जारी हो गयी है 
रिटेल दवा व्यापारियों ने तो अपने कस्टमर्स को एमआरपी पे छूट देकर  दवा की बिक्री कर दी और उनका स्टॉक खत्म लगभग खत्म हो चुका है ।और अब मरीजो को उनकी दवाये मिलना भी बंद हो रही है । होलसेल दवा बाजार सुबह 6-11 तक खुलने से 50% दुकाने खुलती नही है और जो दुकाने खुलती है वो रिटेलर्स को अत्यधिक भीड़ होने के कारण दवा दे नही पा रहे है । कुछ थोक दवा व्यापारी अपना पुराना स्टॉक ऊंचे दामो में बेच रहे है । लैटेक्स एग्जामिनेशन ग्लव्स(दस्ताने लैटेक्स)
जिनकी कीमत पहले 100-150 रु थी अब उसे कालाबाजारी करके 350-400 रु में बेचा जा रहा है
इसी प्रकार मास्क एवं सैनिटाइजर भी महंगे बेचे जा रहे है ।
और भी लाइफ सेविंग दवाये महंगी होने से फुटकर दवा व्यापारी ग्राहक को दवाओं पे रियायत पहले की तरह नही दे पा रहे है  
इसका सीधा असर ग्राहक पे पड़ रहा है फुटकर दवा व्यापारी को मजबूरन महँगा खरीदना पड़ रहा है उसी हिसाब से उसे बेचना भी पड़ रहा है ।

अब  सरकार को इसपे लगाम लगाने के लिए कुछ ठोंस कदम उठाने चाहिए और साथ ही राशन और दवाये की आपूर्ति पूरी करने की लिए सुनिश्चित किया जाए ।