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कानपुर: थाना रेल बाज़ार की पुलिस, 400 लोगों को करवा रहे हैं खाना मुहैया।
April 16, 2020 • Montoo Raja • Social

समस्त देश में लॉक डाउन के बाद आज दिहाड़ी मजदूरों की स्थिति बद से बदतर होती दिख रही है। इन दिहाड़ी मजदूरों के पास अब ना तो रोजगार बचा है ना ही खाने के लिए रोटी। कई दिहाड़ी मजदूर कई राज्यों में फंसे हैं जो लॉग डाउन के चलते अपने घर नहीं जा पा रहे हैं।

ऐसी परिस्थितियों में असहाय लोग एक उम्मीद पर जी रहे हैं कि कोई मसीहा बनकर आएगा और उनकी भूख को मिटाएगा। वही समाज में कुछ ऐसे चेहरे सामने आ रहे हैं, जो इस समय असहाय लोगों के लिए मसीहा हैं। सामाजिक संस्थाओं से हटकर अब सुरक्षा बल व पुलिसकर्मी भी बढ़-चढ़कर लोगों की मदद करने उतरे हैं।

ऐसे ही मददगार पुलिसकर्मी उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में थाना रेल बाजार के अंतर्गत रसोई चलाकर जरूरतमंदों के भूख को शांत करने का प्रयास कर रहे हैं। रेल बाजार थाना प्रभारी ददहीबल तिवारी और चौकी प्रभारी  जैदान सिंह की महान भूमिका जनता के प्रति दिखाई दी। लॉक डाउन के चलते तकरीबन 350 से 400 लोगों को हर रोज खाना मुहैया कराया जाता है। 

चौकी प्रभारी फेथफुलगंज जैदान सिंह द्वारा जानकारी दी गई की थाना प्रभारी व अन्य पुलिसकर्मियों के सहयोग से अपनी निजी तन्हाइयों में से पैसे निकाल जरूरतमंद लोगों के लिए रसोई खोली गई है। जिसके चलते लोगों को खाना मुहैया कराया जाता है। ऐसा जैदान सिंह का मानना है की ऐसी परिस्थितियों में जो सक्षम है, जो सैलरी प्राप्त करने वाले लोग हैं। उनको दिहाड़ी मजदूरों का ध्यान रखना जरूरी है, जो भूखे हैं उनके खाने का इंतजाम करना जरूरी है। इस मुश्किल घड़ी में इंसान और इंसानियत को सबसे ऊपर रख पुलिस की ड्यूटी के अलावा इंसानियत के प्रति प्रतिबंध कुछ ऐसे पुलिसकर्मी भी हैं जो अपने निजी पैसे को खर्च कर जरूरतमंद लोगों को खाना खिलाते हैं।

रसोई में मदद के लिए स्थाई लोगों का भी सहयोग प्राप्त करते हैं जिसमें अहम भूमिका बाबू भाई, आसिफ भाई, फुरकान द्वारा खाना बनवाया जा रहा है,  व जमालु स्वीट हाउस फेथफुल गंज में रसोई चलाई जा रही है, यहां खाने के पैकेट जरूरतमंद लोगों के लिए तैयार किए जाते हैं और लोगों को कच्चा व पका हुआ खाने के पैकेट मुहैया कराए जाते हैं।