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हरबंस मोहाल पुलिस का खेल निराला हिस्ट्रशीटर को बचाने के लियें पत्रकार को फर्जी मुकदमे में फंसा डाला*
March 4, 2020 • आशू यादव

*हरबंस मोहाल पुलिस का खेल निराला हिस्ट्रशीटर को बचाने के लियें पत्रकार को फर्जी मुकदमे में फंसा डाला*

*वाह रे हरबंस मोहाल थाना बगैर जांच के एक पत्रकार पर मुकदमा लिख डाला हरवंश मोहाल थाना इन दिनों सबसे भ्रष्ट थानों में शुमार हों गया है अपराधियों और हिस्ट्रशीटरो को  बचाने में माहिर है। मामला गत दिनों एक शादी से जुड़ा है जहां राम जी निवासी लईया मंडी का झगड़ा दानाखोरी के कुछ लोगों से हुआ था जिस पर हरबंस मोहाल थाने ने कुछ* *लोगों पर 151पर चलान भी किया था जिसकी कवरेज करनें अरूण कश्यप नामक क्षेत्रीय पत्रकार थाने पहुंचा था इसी बात से हिस्ट्रशीटर नाराज था व हिस्ट्रशीटर मनीष बाजपेई ने एक* *दिन पहले अरूण कश्यप को फोन पर अपशब्द सहित देख लेने की बात कहीं थी जिसकी रिकार्डिंग हरबंस मोहाल थानाध्यक्ष को दी थी पर थानाध्यक्ष ने कोई तवज्जो नही दिया जिसका हश्र य़े हुआ के अगले दिन हिस्ट्रशीटर मनीष बाजपेई और हिस्ट्रशीटर लाखन* *ने 20लोगों के साथ मिलकर दिनदहाड़े पत्रकार अरूण कश्यप को अगवाकर राड सरिया कट्टे के बल पर बुरी तरह मारापीटा भीड़भाड़ वाला इलाका होने के कारण मौका देख पत्रकार वहां से भागकर हरबंस मोहाल थाने पहुंचा वहा तेहरीर दी उसके बाद हिस्ट्रशीटर ने थाने की मिलीभगत से महिला को आगे कर जबरन छेड़छाड़ का आरोप लगाने लगा। हरबंस मोहाल का य़े कोई एक मामला नही जहां फर्जी मुकदमे लिखे गये है इसके पहले भी गोलीकांड हुआ था जिसपर भी* *हरबंस मोहाल थाने ने  हिस्ट्रशीटरो का बचाव किया लगातार कई ऎसे कांड हुऐ है पर हरबंस मोहाल थाने ने हरबार हिस्ट्रशीटरो का बचाव किया है। आज फिर एक फर्जी मुक़दमा पत्रकार पर किया गया केवल और केवल हिस्ट्रशीटरो को बचाने के लियें वो भी बगैर जांच किये पत्रकार का मामला संदिग्ध है और निष्पक्ष जांच का विषय है। योगी आदित्य नाथ के हिस्ट्रशीटर पर चलाये जा रहें अभियान का हरबंस मोहाल थाने में कोई औचित्य नही है इस थाने में तो केवल हिस्ट्रशीटरो और सफेद पौशो का बोलबाला है ।*