हनुमान पर टिप्पणी करने वाली बीजेपी को मंगल पड़ा भारी
February 11, 2020 • मोंटू राजा

* हनुमान पर टिप्पणी करने वाली बीजेपी को मंगल पड़ा भारी।

* बीजेपी को भगवा राग पड़ा भारी

* बीजेपी को भगवा राग पड़ा भारी, दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी कि जीत।

आप वर्सेस बीजेपी में आम आदमी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी को दिल्ली के अंदर विधानसभा चुनाव में बुरी तरह पछाड़ा।

70 सीटों में 63 सीटों पर आम आदमी पार्टी ने विजय प्राप्त की वहीं भारतीय जनता पार्टी ने 7 सीटों पर, जहां कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल पाया।

8 फरवरी 2020 को दिल्ली में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आ गए हैं, जिसमें भारी बहुमत से आम आदमी पार्टी जीती है। और भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है।

हिंदुस्तान की राजधानी दिल्ली होने के नाते दिल्ली में किसकी सरकार बनेगी यह बहुत बड़ा विषय रहता है क्योंकि दिल्ली में जो भी चीजें होती है वह विश्व पटल पर देखने को मिलती है।

दिल्ली में तमाम जगहों पर सीएए प्रोटेस्ट को लेकर जितने भी विरोध प्रदर्शन हुए उन प्रदर्शनों पर बीजेपी के नेताओं ने ओछी टिप्पणी व बयानबाजी की, जिसके चलते आज जनता ने उनको परिणाम दिखाया और मत की शक्ति दिखाते हुए यह बताया कि जनता को धर्म जाति इत्यादि के भाषणों वह भावनाओं में उलझा कर नहीं रखा जा सकता, दिल्ली की जनता ने कहां आम आदमी पार्टी ने आम नागरिकों के लिए काफी काम किए हैं खासतौर पर शिक्षा स्वास्थ्य बिजली पानी जो मूलभूत सुविधाएं जनता के लिए होती है उन पर विशेष ध्यान दिया गया है जिसके फलस्वरूप आज चुनाव के नतीजे उनके पक्ष में आए हैं।

दिल्ली प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने मतदान के 3 घंटे बाद ही ट्वीट पर यह कह दिया था कि एग्जिट पोल जो कुछ भी दिखाएं परंतु सरकार बीजेपी की ही बनेगी। इस ट्वीट के बाद अब लोग मनोज तिवारी के ऊपर व्यंग बनाते नजर आ रहे हैं।

आम आदमी पार्टी की जीत के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जनता के समक्ष आए जनता से बात की और कहा कि आज जो यह जीत है यह किसी पार्टी की या मेरी नहीं है यह जीत दिल्ली की जनता की है जो हमने काम किए हैं दिल्ली की जनता के लिए यह उसका परिणाम है। जो यह मत द्वारा हमने दिल्ली की जनता से प्राप्त किए हैं और आने वाले समय में भी हम दिल्ली व दिल्लीवासियों के लिए पूरी निष्ठा व ईमानदारी से कार्य करेंगे।

दिल्ली की जनता से बात करने पर जनता ने कहा कि दिल्ली की जनता जानती है कि किसे वोट देना है कौन जनता के लिए काम कर रहा है हिंदू मुस्लिम देशद्रोही इत्यादि के भड़काऊ भाषणों से जनता खुश नहीं होती है जनता को सुविधाएं चाहिए जिसके लिए चुनी गई सरकारी प्रतिबंध है।