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दिल्ली दंगों में किया राहत कार्य! अब लॉकडॉउन में जरूरतमंदो को राशन वितरण।
April 23, 2020 • Montoo Raja • Social

समस्त देश में लॉक डाउन जारी है जिसे 30 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। ‌ जैसे जैसे लॉक डाउन की अवधि बढ़ रही है वैसे वैसे रोज की मजदूरी प्राप्त करने वाले लोगों पर भी मुसीबत बढ़ रही है। संपूर्ण देश के अंदर करोड़ों की जनसंख्या ऐसी है जो छोटा-मोटा काम काज या फिर छोटी फैक्ट्री या कारखानों में काम कर अपना पेट पालते थे।

लॉक डाउन के बाद करोड़ों लोगों ने अपना रोजगार खोया है और आज के समय में वह दो वक्त की रोटी के लिए भी जद्दोजहद कर रहे हैं। ऐसी विकट परिस्थितियों में भारत की सरकार व राज्य सरकारें भी जरूरतमंद लोगों को खाना मुहैया कराने में जुटी हैं। राजधानी दिल्ली अन्य राज्यों में भी पुलिस की अहम भूमिका दिख रही है।

इन विकट परिस्थितियों के बीच समाज कल्याण संस्थाएं भी पीछे नहीं है। राजधानी दिल्ली के अंदर कई सामाजिक संस्थाएं जरूरतमंद लोगों के लिए कार्य कर रही हैं और उन्हें राशन व खाना मुहैया करा रही हैं। 

दिल्ली में कार्य कर रही ऐसी ही एक संस्था हमारी आवाज भी है जो पिछले 6 सालों से समाज में बच्चों की शिक्षा के ऊपर कार्य कर रही है। बच्चों की शिक्षा हेतु जो बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं या जाते हैं उनके दाखिले स्कूल में कराए जाते हैं और उन्हें संस्था द्वारा भी पढ़ाया जाता है। संस्था की संस्थापक श्रीमती शबीना खान जो एक सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। दिल्ली के अंदर मौजूद ऐसे तमाम जरूरतमंदों को राशन व खाना मुहैया करा रही हैं। शबीना खान ने यह भी बताया की राशन व भोजन वितरण का कार्य दिल्ली दंगों के बाद से सुचारू रूप से चल रहा है। शुरुआती समय में दंगा पीड़ितों की मदद की जा रही थी और अब कोरोना वायरस महामारी से निबटने के लिए जरूरतमंद लोगों की मदद की जा रही है।

शबीना खान का मानना है की इन परिस्थितियों में हर सक्षम व्यक्ति को अपने घर में दो व्यक्तियों का खाना ज्यादा बनाना चाहिए। और हर उस जरूरतमंद दो इंसानों को खाना मुहैया कराना चाहिए जिनके पास आज की इन परिस्थितियों के अंदर दो वक्त की रोटी नहीं है। शबीना जी ने बताया अभी तक उनकी संस्था ने 300 से अधिक परिवारों को राशन मुहैया कराया है। जिसके अंदर चावल दाल आटा तेल आदि चीजें होती हैं। शबीना खान ने जनता से यह भी आग्रह किया जो भी सक्षम व्यक्ति है वह इस विकट परिस्थितियों में लोगों के खाने की जिम्मेदारी लें और लोगों को जागरूक भी करें।