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देश में बेरोजगारी 7.7% बढ़ी, देश का पढ़ा-लिखा युवा झेल रहा है बेरोजगारी की मार
February 18, 2020 • मोंटू राजा

• देश में बेरोजगारी का ग्राफ 7.7% किधर से ऊपर बड़ा यह कॉल अभी सितंबर 2019 से दिसंबर 2019 में देखी गई है।

• रूलर इंडिया से ज्यादा बेरोजगारी की मार अर्बन इंडिया के युवा झेलते दिखाई पड़े। ग्रेजुएट युवा युक्तियां जिनमें सबसे ज्यादा है।

किसी भी देश की रीड की हड्डी उस देश की युवा पीढ़ी होती है। देशभर में जहां देश का भविष्य या कहा जाए देश का युवा बेरोजगारी की मार झेल रहा है। और इस बेरोजगारी की चपेट में अधिकतम पढ़े लिखे युवा युक्तियों हैं जो ज्यादातर ग्रेजुएट हैं।

यह डाटा थिंक टैंक सेंट्रल फॉर मॉनिटरिंग इंडिया (सीएमएआई) द्वारा साझा किया गया है।
2019 वर्ष में बेरोजगारी के आंकड़े 3 साल में सबसे ज्यादा पाए गए जिसमें 60% से अधिक बेरोजगार ग्रेजुएट युवा हैं जो ज्यादा पढ़े लिखे होने के बावजूद भी रोजगार प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं।

कहां जा रहा है यह बेरोजगारी की सातवीं बड़ी लहर है 2017 में बेरोजगारी की दर 3.8% देखी गई थी। सीएमआईसी के सर्वे के अनुसार 174405 घरों का सर्वे हुआ नतीजे चौंकाने वाले थे कि बेरोजगारी की चपेट में रूलर क्षेत्रों से ज्यादा बेरोजगारी अर्बन क्षेत्रों में पाई गई। जो 9% दर से अधिक है। जिसमें अर्बन क्षेत्र के युवाओं की बेरोजगारी रूलर क्षेत्र के युवाओं से अधिक पाई गई नेशनल औषध के अनुसार जो भारत की इकोनॉमी को नीचे लाने में भी कारगर है।

रूलर क्षेत्र में बेरोजगारी को 6.8% दर्ज किया गया। रूलर इंडिया में रोजगार का स्तर बहुत निकला है जोकि वेतन पर बहुत बड़ा प्रभाव डालता है और रोजगार की उत्तम ताको पिछड़ने में समर्थ है। 

देश का बेरोजगार न्यूज़ जो 37% है उनकी उम्र 20 से 24 वर्ष पाई गई है। और देश मैं हो रहे क्राइम में जो युवा लिप्त पाया गया है उसकी उम्र भी अधिकतम 20 से 30 वर्ष के बीच ही पाई गई है। कहा जा सकता है कि बेरोजगारी के चलते देश का युवा क्राइम वह गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होता है।

37% देश का युवा 20 से 25 वर्ष का है जो बेरोजगारी की मार झेल रहा है इन युवाओं में 60% युवा ग्रेजुएट हैं। और एवरेज 2019 में 63 पॉइंट 4 प्रतिशत देखने को मिले हैं जो पिछले 3 साल में सबसे अधिक है।