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असली पत्रकार हुए फ्लॉप, फर्जी पत्रकार लल्लनटॉप
January 30, 2020 • मोंटू राजा

असली पत्रकार हुए फ्लॉप फर्जी पत्रकार लल्लनटॉप

प्रेस का नाम दुरुपयोग। कैसे चलाएं मोटरसाइकिल और कार शहर में घूम रहे फर्जी पत्रकार।

हिंदुस्तान में पत्रकारिता का स्तर नीचे गिरता दिख रहा है पिछले कुछ सालों की अगर हम बात करें तो भारत की पत्रकारिता चाहे वह प्रिंट मीडिया हो या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के स्तर का पड़ाव नीचे आता देख रहा है। वही उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में फर्जी पत्रकारों का बोलबाला होता दिख रहा है।

कानपुर प्रदेश में आजकल पत्रकारिता का स्तर दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है। वही चाहे वह प्रिंट मीडिया हो या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मोटरसाइकिल और कारों पर प्रेस लिखकर सड़कों पर चलने वाले बहुत से फर्जी पत्रकारों की वजह से मीडिया का स्तर गिर रहा है। ना तो उनके पास परिचय पत्र है ना ही वह किसी प्रेस के पत्रकार हैं।

ऐसे फर्जी पत्रकारों का एक ही काम होता है, लोगों से ठगी करने का, इनका काम केवल आम लोगों व प्रशासन में अपनी हनक बनाने का है, और समाचार पत्रों के सीनियर पत्रकारों कि तरह व्यवहार बनाकर सरकारी कर्मचारियों, प्राइवेट प्रतिष्ठानों के मालिकों व सीधी साधी आम जनता में प्रेस का रौब दिखाकर सिर्फ उनसे ठगी व उगाही कर मीडिया की छवि खराब और बदनाम करना होता है।

पत्रकारिता के क्षेत्र में कुछ अपराधिक छवि वाले व्यक्तियों ने मीडिया को अपना कवच बना रखा है और अपराध को बढ़ावा दे रहे हैं। इस तरह के लोग सरकारी विभागों गैस एजेंसियों राशन ठेकेदारों सहित शहर व प्रदेश में जुआ व सट्टा सिलवाने जैसे कार्यों को अक्सर लिप्त रहे हैं।

ऐसे ही एक फर्जी इरफान नाम के पत्रकार को पुलिस ने हिरासत में लिया था जिसने टेंपो स्टैंड के अध्यक्ष के साथ मारपीट व उगाही करने का प्रयास किया था। जिसके बाद फर्जी पत्रकार को जेल भी जाना पड़ा था लेकिन 26 जनवरी 2020 का मामला एक फर्जी पत्रकार का सामने आया है जिसने कानपुर में ट्रैफिक पुलिसकर्मी पीएसआई से ही उगाही करनी चाहि, इस फर्जी पत्रकार ने ट्रैफिक पीएसआई के ऊपर आरोप लगाया कि वह चेकिंग के नाम पर लोगों से उगाही कर रहा है और उस उगाही में पत्रकार को भी हिस्सा चाहिए जिसके बाद ट्रैफिक पीएसआई ने थाना फजलगंज में उस फर्जी पत्रकार के ऊपर एफ आई आर भी दर्ज कराई है।

वाहन चेकिंग के दौरान भी यह लोग प्रेस बता कर आराम से निकलने में सफलता पा रहे हैं क्या ऐसे फर्जी पत्रकारों के खिलाफ जो कि वास्तव में फर्जी तरह से वाहनों में प्रेस लिखवा कर शहर में घूम रहे हैं प्रशासन द्वारा शिकंजा कसा जाना उचित नहीं होगा।