पुरानी लाजपत राय मार्केट में ‘अवैध निर्माण’ पर नाज़िया दानिश का बड़ा हमला

दिल्ली

कांग्रेस नेत्री ने MCD-पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल, बोलीं—मिलीभगत है तो जांच में सामने आए सच


नई दिल्ली। 


पुरानी लाजपत राय मार्केट में कथित अवैध तोड़फोड़ और निर्माण को लेकर कांग्रेस की नेता प्रतिपक्ष नाज़िया दानिश ने MCD और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी इलाके में अवैध निर्माण लगातार जारी है तो संबंधित विभागों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।



नाज़िया दानिश ने कहा कि अवैध निर्माण के संरक्षण और कार्रवाई के बीच यदि कहीं कोई मिलीभगत है तो उसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने कथित तौर पर लाखों रुपये की रिश्वत के लगाए जा रहे आरोपों को भी गंभीर बताते हुए कहा कि इन दावों की जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जानी चाहिए।


‘किसके संरक्षण में चल रहा खेल?’


कांग्रेस नेत्री ने सवाल उठाया कि यदि निर्माण अवैध था तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी कब मिली और शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई? उन्होंने कहा कि पूरे मामले में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि तोड़फोड़ और निर्माण की गतिविधियों के पीछे कौन लोग हैं और उन्हें संरक्षण किस स्तर से मिला।


MCD-पुलिस की भूमिका भी जांच के दायरे में आए


नाज़िया दानिश ने कहा कि किसी भी सरकारी एजेंसी पर सीधे आरोप लगाने के बजाय पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। जांच में MCD के संबंधित अधिकारियों, पुलिस की भूमिका, निर्माण की अनुमति, शिकायतों और अब तक हुई कार्रवाई की पूरी कड़ी को सामने लाया जाना चाहिए।



उन्होंने कहा कि यदि रिश्वत के आरोप निराधार हैं तो यह भी जांच से साफ होना चाहिए और यदि आरोपों में सच्चाई है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।


नाज़िया का सवाल—जिम्मेदार कौन?


कांग्रेस नेता ने कहा कि पुरानी लाजपत राय मार्केट का मामला केवल एक निर्माण या तोड़फोड़ का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह निगम की निगरानी व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा सवाल है।


उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि यह साफ हो सके कि कथित अवैध निर्माण कैसे हुआ, किसकी जानकारी में हुआ और कार्रवाई में देरी क्यों हुई।

भारतीय मंसूरी समाज ने की अनुच्छेद 341 दलित मुस्लिम आरक्षण की मांग देश की राजधानी दिल्ली जंतर मंतर पर

दिल्ली 

यूसुफ मंसूरी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा 10 अगस्त 1950 को भारतीय संविधान अनुच्छेद 341 पर मज़हब के नाम पर बंदिश लगा दिया गया जो की यह भारतीय संविधान का कत्ल है हमारे देश का संविधान सबको बराबरी का अधिकार देता है मज़हब के नाम पर नस्ल के नाम पर रंग के नाम पर किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं करता लेकिन देश में धर्म के नाम पर भेदभाव किया गया देश की सरकारी रिपोर्ट राजेंद्र सच्चर आयोग रंगनाथ मिश्रा आयोग बता चुकी हैं। 



पसमांदा मुसलमान पिछड़ों से पीछे जा चुका है मुसलमानों के पिछड़ा पन को देश के माननीय प्रधानमंत्री जी ने भी महसूस किया है और अपने भाषण में पसमांदा मुसलमानों की जाति का नाम ले लेकर बोला है आज तक पसमांदा मुसलमान का हाल कोई पुछने नहीं आया आज जरूरत है मुसलमानों को मुख्य धारा से जोड़ने की ताकि देश के मुसलमान की तरक्की देश का विकास हो सके और देश के प्रधानमंत्री कहते हैं सबका साथ सबका विकास तो हम पर क्यों बंदिश अनुच्छेद 341 पर लगी मजहबी पाबंदी को हटवाने की मांग को लेकर 10, अगस्त 2026 को दिल्ली के जंतर मंतर पर एक दिवसीय धरना दिया गया । 


हाजी सलीम मंसूरी राष्ट्रीय महासचिव ने बताया कि हमारी मांग है जिस तरह 1956 में सिख मज़हब के लोगों के लिए 1990 में बौद्ध मजहब के लोगों के लिए अनुच्छेद 341 से पाबंदी हटाई गई ठीक उसी तरह देश के पसमांदा मुसलमान की तरक्की के लिए अनुच्छेद 341 से लगी मज़हबी बंदिश हटाई जाए । ओर भारतीय मंसूरी समाज महामहिम राष्ट्रपति एवं भारत सरकार से ज्ञापन देकर 10 अगस्त को काला दिवस के रूप में मानती है पूरे भारत में। और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डॉ इकबाल मंसूरी साहब ने कहा बाला कृष्णा आयोग की रिपोर्ट को हम सार्वजनिक करने की मांग करते हैं क्योंकि 1936 में आरक्षण छुआछूत के नाम पर नहीं बल्कि आर्थिक सामाजिक राजनीतिक उथान के लिए अनुच्छेद 341 में खास अधिकार दिया गया था इसलिए संविधान के अनुसार देश का वह सभी धर्म के मानने वाले लोग रहते है और मोमना मंसूरी दिल्ली प्रदेश मीडिया प्रभारी ने कहा हम पूरे भारत में मीडिया के माध्यम से जागरूकता फैलाएंगे आर्टिकल 341 की । 


शब्बीर अहमद मंसूरी राष्ट्रीय प्रवक्ता अफजाल मंसूरी राष्ट्रीय सचिव नसीम राजा मंसूरी राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी हामिद मंसूरी राष्ट्रीय सदस शाकिर मंसूरी सचिव दिल्ली प्रदेश राशिद अहमद मंसूरी सचिव जुल्फिकार मंसूरी जिलाध्यक्ष मुनीर मंसूरी तिलक नगर जाहिद मंसूरी अनीस मंसूरी निजारू मंसूरी निसार मंसूरी रमजान मंसूरी साबिर मंसूरी इमामुद्दीन मंसूरी डाक्टर परवेज सैफी नवाब मंसूरी यह सभी लोग उपस्थित रहे

सरकारी जमीन पर पार्किंग का खेल!


शास्त्री पार्क-न्यू उस्मानपुर में DDA की जमीन पर कथित अवैध पार्किंग, ट्रैफिक पुलिस ने खोला मोर्चा


नई दिल्ली, नीरज अवस्थी। पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क और न्यू उस्मानपुर इलाके में सरकारी जमीन और सड़कों पर कथित रूप से चल रही अवैध पार्किंग के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। यातायात पुलिस के निरीक्षण में सरकारी जमीन पर पार्किंग संचालित होने की बात सामने आने के बाद संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है। पुलिस ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और दिल्ली नगर निगम के संबंधित विभागों से संयुक्त जांच कर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।



DDA की जमीन पर पार्किंग, अब दस्तावेजों की होगी जांच


यातायात पुलिस के अनुसार, न्यू उस्मानपुर थाने के पास डीडीए की जमीन और सड़क तथा पांचवें पुश्ते के आसपास सरकारी जमीन पर कई स्थानों पर पार्किंग संचालित होने की जानकारी मिली। क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद यातायात पुलिस ने मामला संबंधित विभागों के संज्ञान में पहुंचाया।


पुलिस ने पार्किंग संचालकों को भी नोटिस जारी कर पार्किंग संचालन की अनुमति और उससे जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यदि संचालक वैध अनुमति नहीं दिखा पाते हैं तो संबंधित विभागों की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।


कई नामों का पत्र में उल्लेख


यातायात पुलिस की ओर से डीडीए और निगम को भेजे गए पत्र में अभिराज तिवारी, ओमसेन, नीतू, प्रिंस ढेढ़ा, महेश सहित अन्य लोगों के नाम का उल्लेख करते हुए सरकारी जमीन पर कथित अवैध पार्किंग संचालन का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने दोनों विभागों से मामले की संयुक्त जांच और आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है।


सरकारी जमीन का व्यावसायिक इस्तेमाल?


स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी जमीन पर लंबे समय से पार्किंग का संचालन किया जा रहा है। उनका दावा है कि सरकारी जमीन का कथित व्यावसायिक इस्तेमाल कर निजी तौर पर कमाई की जा रही है, जबकि सरकारी खजाने को संभावित राजस्व नुकसान हो रहा है। स्थानीय निवासियों ने यह भी सवाल उठाया है कि यदि जमीन सरकारी है तो वहां लंबे समय से पार्किंग जैसी व्यावसायिक गतिविधियां किसकी अनुमति से चल रही हैं।


बसों के ठहराव पर भी सवाल


स्थानीय लोगों ने सरकारी जमीन पर कथित रूप से पंजाब रोडवेज और अन्य निजी बसों के ठहराव को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि न्यू उस्मानपुर के पांचवें पुश्ते के आसपास सरकारी जमीन पर पार्किंग और वाहनों के ठहराव की गतिविधियां लंबे समय से चल रही हैं तथा पूर्व में भी सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायतें सामने आती रही हैं।


अब DDA और MCD की कार्रवाई पर नजर


यातायात पुलिस का कहना है कि सरकारी जमीन पर अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी संबंधित भूमि एवं नागरिक निकाय विभागों की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई के दौरान यातायात पुलिस आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगी। अब यातायात पुलिस की पहल के बाद निगाहें डीडीए और निगम की कार्रवाई पर टिक गई हैं।


सवाल सीधा है—अगर जमीन सरकारी है तो वहां पार्किंग का संचालन किसकी अनुमति से हो रहा था और इससे होने वाली कमाई का हिसाब किसके पास है? जांच के बाद ही इन आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी स्पष्ट होगी।

नंद नगरी पुलिस ने किया अवैध शराब तस्कर को गिरफ्तार, 250 क्वार्टर शराब और स्कूटी बरामद

दिल्ली नन्द नगरी

राजधानी दिल्ली में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नंद नगरी थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने गश्त के दौरान गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक शराब तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 250 क्वार्टर अवैध शराब और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही स्कूटी जब्त की गई है।



गश्त के दौरान मिली गुप्त सूचना

26 जुलाई 2026 की शाम करीब 8:05 बजे, नंद नगरी थाने में तैनात कांस्टेबल नेमपाल और कांस्टेबल रोहन डी-ब्लॉक क्षेत्र में गश्त पर थे। इसी दौरान एक मुखबिर ने पुलिस टीम को सूचना दी कि मंडोली फ्लाई-ओवर की तरफ से एक व्यक्ति स्कूटी पर भारी मात्रा में अवैध शराब लेकर क्षेत्र में सप्लाई करने आ रहा है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इसकी जानकारी तुरंत थानाध्यक्ष (SHO) को दी, जिनके निर्देश पर पुलिस ने बिना समय गंवाए काली माता मंदिर के पास घेराबंदी की और पिकेट तैनात कर दी।

काली माता मंदिर के पास बिछाया जाल

कुछ ही देर में मुखबिर के बताए हुलिए के मुताबिक एक संदिग्ध स्कूटी सवार बड़े-बड़े बैग ले जाते हुए दिखाई दिया। मुखबिर की निशानदेही पर पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को रोककर धर दबोचा।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान:

नाम: देव कोहली (25 वर्ष)

पिता का नाम: स्व. दल चंद

पता: B-2/423, नंद नगरी, दिल्ली

पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड: शून्य (कोई पिछला रिकॉर्ड नहीं)

250 क्वार्टर शराब और स्कूटी जब्त

पुलिस ने जब आरोपी की स्कूटी पर लदे बैगों की तलाशी ली, तो उसमें से कुल 250 क्वार्टर अवैध शराब बरामद हुई। पुलिस ने तुरंत शराब और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही स्कूटी को कब्जे में ले लिया।

इस संबंध में नंद नगरी थाने में दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 33 के तहत प्राथमिकी संख्या (FIR No.) 409/2026 दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

आगे की कार्रवाई: पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी यह अवैध शराब कहां से लाया था और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन से अन्य लोग शामिल हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।

छात्रों पर लाठीचार्ज, गोलीबारी और फर्जी मुकदमों के खिलाफ लोकसभा में उठी आवाज: अविलंब रिहाई न होने पर बिहार में होगा व्यापक आंदोलन

 प्रेस विज्ञप्ति 


नई दिल्ली / पटना


बिहार में छात्र-छात्राओं के लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन पर हुए बर्बर पुलिसिया दमन के खिलाफ आज संसद के लोकसभा में जोरदार आवाज उठाई गई। बिहार के विभिन्न शैक्षणिक मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे 700 से अधिक छात्र-छात्राओं पर हुए बर्बर लाठीचार्ज, गोलीबारी और फर्जी मुकदमों को लेकर केंद्र व बिहार सरकार को आड़े हाथों लिया गया। 



संसद में यह विषय उठाते हुए स्पष्ट रूप से मांग की गई कि पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष शांतनु, माननीय विधायक संदीप सौरभ जी तथा माननीय पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव जी समेत गिरफ्तार किए गए सभी बच्चों और जनप्रतिनिधियों की अविलंब एवं बिना शर्त रिहाई की जाए।

प्रमुख बिंदु एवं मांगें:

 STF की तैनाती पर कड़ा विरोध: यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे निहत्थे छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए राज्य सरकार ने विशेष कार्य बल (STF) को लगा दिया। सरकार से सीधा सवाल है—क्या वे निर्दोष बच्चे आतंकवादी थे या दुर्दांत अपराधी?

 सरकार की कार्यशैली पर सवाल: छात्रों के न्यायपूर्ण आंदोलन को कुचलने के लिए जिस प्रकार का बल प्रयोग किया गया, उससे राज्य सरकार का दमनकारी चेहरा उजागर होता है। बिहार समेत पूरे देश की जनता यह देख रही है कि सत्ता में बैठे लोग युवाओं और विद्यार्थियों को किस नजरिए से देखते हैं।

 व्यापक आंदोलन की चेतावनी: यदि गिरफ्तार किए गए छात्र प्रतिनिधियों, विधायकों और पूर्व मंत्री की अविलंब रिहाई नहीं की जाती है तथा दर्ज फर्जी मुकदमे वापस नहीं लिए जाते हैं, तो इसके विरोध में पूरे बिहार में व्यापक जन-आंदोलन छेड़ा जाएगा।

शिक्षा और रोजगार की बात करने वाले युवाओं पर यह बर्बरता लोकतंत्र पर सीधा हमला है। न्याय मिलने तक यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक मजबूती से जारी रहेगी।

शाहदरा नॉर्थ ज़ोन में NFL की CSR पहल का विस्तार, स्कूलों के साथ साथ पार्कों को भी मिलेगा लाभ*

नई दिल्ली


नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL) अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत शाहदरा नॉर्थ ज़ोन में जनहित से जुड़े कार्यों का लगातार विस्तार कर रहा है।



वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान NFL द्वारा दिल्ली नगर निगम (MCD) के शाहदरा नॉर्थ ज़ोन के 32 विद्यालयों में 56 वॉटर कूलर एवं 56 RO उपलब्ध कराए गए थे। यह पहल क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं शीतल पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय प्रयास रही।



*इसी क्रम में, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए NFL बोर्ड ने CSR के तहत शाहदरा नॉर्थ ज़ोन के उत्थान के लिये निम्न प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की है:* 

* *Shahdara North Zone के विभिन्न वार्डों के 10 MCD स्कूलों में 10 वाटर कूलर और 10 RO वाटर प्यूरीफायर*

* *Shahdara North Zone (MCD) के 10 बड़े पार्कों में लगभग 100 बेंच (प्रत्येक पार्क में 10 बेंच)*

* *शाहदरा नार्थ ज़ोन के विभिन्न वार्डों के MCD पार्कों में 350 ट्री गार्ड (प्रत्येक वार्ड में 10 ट्री गार्ड)*


इन पहलों से क्षेत्र में जनसुविधाओं का विस्तार होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। 

विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने से लेकर सार्वजनिक स्थलों पर सुविधाओं के विकास और हरित वातावरण को प्रोत्साहित करने तक, NFL की CSR पहल क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

*अलग अंदाज में लोकसभा पहुंचे पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और सीमांचल की शिक्षा पर उठाए सवाल*

नई दिल्ली/पूर्णिया। 


पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने संसद के मानसून सत्र के दौरान देश की शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, छात्रों के भविष्य और सीमांचल क्षेत्र में शिक्षा की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। संसद भवन परिसर में वह अपने परिधान पर "देश के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो" और "आस्था का सौदा नामंजूर" जैसे संदेश लिखवाकर पहुंचे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।



संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने युवाओं का विश्वास तोड़ा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सीमित सीटों वाले सिनेमा हॉल में ब्लैक में टिकट बिकने की चर्चा होती है, उसी प्रकार प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रही हैं। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता बताई।


सांसद ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए आंदोलनरत युवाओं पर लाठीचार्ज की आलोचना की और उन नेताओं पर भी टिप्पणी की, जिन्होंने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। अपने ट्वीट में लिखा - 



""जंतर मंतर पर आंदोलनरत युवाओं पर बर्बर लाठीचार्ज सरकार की महाबेशर्मी है


 उन नेताओं और सांसदों पर भी सवाल है जो उनका साथ देने का वादा किया था वह सब पीठ दिखा कहां गायब हो गए? 


कहां तो वादा था आगे बढ़कर लाठी गोली खाएंगे कहां तो गधे के सिर से सिंग की तरह लापता हो गए"


इसके साथ ही पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से राजनीतिक टिप्पणी की और सरकार से लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पालन की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के सवालों का संतोषजनक जवाब देने के बजाय मूल मुद्दों से ध्यान भटका रही है। एक अन्य ट्वीट में लिखा - 


"प्रधानमंत्री जी को अपनी निजी गरिमा का ख्याल न हो तो कम-से-कम पद की मर्यादा रखें 

वैसे मैं पीएम साहब की बात कर रहा हूं किसी 76 साल के बच्चे की नहीं! 

जिसे मर्यादा/गरिमा की समझ न हो!"


संसद में पूछे गए अपने प्रश्न के माध्यम से पप्पू यादव ने सरकार से जानना चाहा कि क्या बिहार, विशेषकर पूर्णिया और सीमांचल क्षेत्र के विद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के रिक्त पदों तथा बुनियादी ढांचे की कमी की जानकारी सरकार के पास है। उन्होंने पिछले तीन वर्षों में विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत योजनाओं और आवंटित निधि का विवरण भी मांगा। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सीमांचल-कोसी क्षेत्र हेतु किसी विशेष पैकेज पर विचार किए जाने संबंधी जानकारी भी सरकार से मांगी।


सांसद ने कहा कि सीमांचल जैसे शैक्षणिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षकों की नियुक्ति, आधुनिक शैक्षणिक अवसंरचना और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर सरकार को ठोस एवं समयबद्ध कदम उठाने चाहिए, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।

Featured Post

पुरानी लाजपत राय मार्केट में ‘अवैध निर्माण’ पर नाज़िया दानिश का बड़ा हमला

दिल्ली कांग्रेस नेत्री ने MCD-पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल, बोलीं—मिलीभगत है तो जांच में सामने आए सच नई दिल्ली।  पुरानी लाजपत राय मार्केट मे...