दिल्ली
(Neeraj awasthi)
दिल्ली पुलिस की केंद्रीय जिला पुलिस ने खुद को अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) बताकर सरकारी नौकरी और प्लॉट दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 43 वर्षीय पवन कुमार पांडे उर्फ वरुण कुमार पांडे निवासी गांधी विहार, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस जांच में करीब 60 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार 23 मार्च 2026 को पीपी सिधीपुरा, थाना डीबीजी रोड में शिकायत मिली थी कि एक व्यक्ति खुद को उत्तर प्रदेश का एडीएम बताकर लोगों को सरकारी नौकरी और नोएडा में प्लॉट आवंटन दिलाने का झांसा दे रहा है। आरोपी ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से करीबी संबंध होने का दावा कर शिकायतकर्ता और उसके साथियों से लगभग 60 लाख रुपये ठग लिए थे।
मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों का विश्लेषण किया तथा बैंक खातों और यूपीआई लेनदेन की पड़ताल कर धनराशि के प्रवाह का पता लगाया। लगातार निगरानी और सत्यापन के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह कई वर्षों से उत्तर प्रदेश के एक वास्तविक पीसीएस अधिकारी की पहचान का दुरुपयोग कर रहा था। सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर उपलब्ध तस्वीरों और जानकारियों का इस्तेमाल कर वह खुद को असली एडीएम के रूप में पेश करता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने फर्जी पहचान पत्र, विजिटिंग कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार कर रखे थे, जिनके जरिए वह लोगों का भरोसा जीतता था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से “वरुण कुमार पांडे, एडीएम सिटी, उत्तर प्रदेश” नाम के विजिटिंग कार्ड, फर्जी पहचान पत्र, संदिग्ध शैक्षणिक प्रमाणपत्र, सरकारी दस्तावेज, मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए हैं। इसके अलावा बैंक रिकॉर्ड और यूपीआई ट्रांजेक्शन से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने ठगी की रकम से एक स्विफ्ट कार और एक स्कूटी खरीदी थी। पुलिस ने इन संपत्तियों की पहचान कर ली है और इन्हें अपराध से अर्जित संपत्ति मानकर जांच की जा रही है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार आरोपी पहले भी वर्ष 2019 में साहिबाबाद थाने में दर्ज एक मामले में प्रतिरूपण और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में शामिल रह चुका है। फिलहाल पुलिस उसके अन्य सहयोगियों और संभावित पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है। मामले की आगे की जांच जारी है।











