गुरु तेग बहादुर अस्पताल आवासीय परिसर में रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन का चुनाव संपन्न

दिल्ली  


गुरु तेग बहादुर अस्पताल आवासीय परिसर में रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हुए। इस चुनाव में केहर सिंह एवं उनकी पूरी टीम को अगले दो वर्षों के लिए निर्विरोध चुना गया।



नवनिर्वाचित पदाधिकारियों में योगिता को उपाध्यक्ष, गया प्रसाद को महासचिव, चंद किरण को सचिव, भगत सिंह को कोषाध्यक्ष तथा डॉ. चंदन कुमार पाल, जयवीर और शंभूनाथ को एक्जीक्यूटिव मेंबर के पद पर निर्विरोध चयनित किया गया।


अध्यक्ष पद पर निर्वाचित केहर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी टीम आवासीय परिसर की सुरक्षा, स्वच्छता और रोजमर्रा की आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। उन्होंने सभी निवासियों का आभार व्यक्त करते हुए सहयोग और सहभागिता की अपील की।

यह चुनाव सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और सभी सदस्यों ने नवगठित टीम को शुभकामनाएं दीं।

दिल्ली के जहांगीरपुरी थाने में युवक की मौत?

 दिल्ली


दिल्ली के नॉर्थवेस्ट जिला के जहांगीरपुरी थाने में युवक की मौत! युवक (अनीस) के परिवार का कहना है कि वह फलों का काम करता है और बीती रात अपने दोस्त के साथ मंडी जा रहा था उसके पास 2 लाख रुपए भी थे। 



देर रात पुलिस कर्मियों ने उसे रोका और चौकी ले गए जहां उसके साथ मारपीट की गई ऐसा घर वाले।का आरोप है। पुलिस ने परिवार को अनीस की कोई जकड़ी नहीं दी, बाइक पर सवार अनीस के दोस्त ने पुलिस के चंगुल से फरार होकर अनीस के घरवालों को जानकारी दी कि अनीस को पुलिस ने पकड़ लिया है और हमारे साथ मार पिटाई भी करी गई है। 



नाइस की मां और पिता का कहना है कि वह सुबह पुलिस स्टेशन आए और अनीस के बारे में पूछा जिसपर थाने के कहा यह कोई अनीस नहीं है। 8:30 सुबह अनीस की मां थाने में पूछताछ कर रही थी और 9 बजे एसीपी का कॉल अनीस के पिता के पास आया कि अनीस पानी मांग रहा है। उसे अस्पताल ले गए है। परिवार का कहना है थाने से ही किसी ने कहा हॉस्पिटल की मोर्चरी में पता कर लो। 



जिसके बाद घरवाले अस्पताल जगजीवन राम परिवार गया पता करने पर जानकारी मिली कि अनीस की लाश लापता या unidentified लाशों में पड़ी है। अब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस का कहना है तबियत खराब होने से अनीस की मौत हो गई है। मामला जांच के बाद ही सामने आ पाएगा कि आखिर अनीस ओर उसके दोस्त को पुलिस ने रात भर थाने में क्यों रखा ? अनीस के घर वालों के मुताबिक जो पैसा था वो कहा है? घर वालों को सूचित क्यों नहीं किया गया? अचानक तबियत क्यों खराब हुई? क्या पुलिस ने पानी नहीं दिया अनीस को? और ऐसे कई सवाल है। 

नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान, महिलाओं में उत्साह

दिनांक : 13 अप्रैल 2026

दिल्ली


“नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान का आयोजन डॉ. अखिलेश दास गुप्ता इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज में किया गया। यह कार्यक्रम स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा के नेतृत्व में आयोजित किया गया।



कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं एवं महिलाओं ने भाग लिया और उत्साहपूर्वक हस्ताक्षर कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई। परिसर में युवा छात्राओं और महिलाओं ने एकजुट होकर इस अभियान को समर्थन दिया और महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।



इस अवसर पर स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह देशभर की करोड़ों महिलाओं की आवाज़ को सशक्त करेगा और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में अधिक भागीदारी सुनिश्चित करेगा।”


उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल के निकट आते हुए जिस प्रकार से महिलाओं और युवाओं का समर्थन बढ़ रहा है, वह इस बात का संकेत है कि देश की महिलाएं अब अपने अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह तैयार हैं और भारत के लोकतांत्रिक भविष्य को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।


कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने अपने विचार भी साझा किए और इस अधिनियम के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। अंत में सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया गया और महिला सशक्तिकरण के प्रति सामूहिक संकल्प लिया गया।

स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा का शाहदरा (उत्तरी)जोन में विद्यालयों का निरीक्षण, सुधार के सख्त निर्देश

11 अप्रैल 2026


दिल्ली


स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने आज शाहदरा (उत्तरी)जोन के गौतम पुरी वार्ड स्थित नगर निगम विद्यालयों—आवासीय परिसर, कैथवाड़ा एवं ब्रह्मपुरी (T-1)—का निरीक्षण किया। इस अवसर पर अतिरिक्त आयुक्त (शिक्षा) श्री संजीव कुमार मित्तल, उपायुक्त (शाहदरा उत्तर जोन) सुश्री ममता यादव, निदेशक (शिक्षा) श्री निखिल तिवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



निरीक्षण के दौरान स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने विद्यालयों में छात्रों की कम संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्र संख्या बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने शिक्षकों की कमी के बावजूद दो शिफ्टों में कक्षाएं चलने पर नाराजगी जताते हुए सभी कक्षाओं को एक ही शिफ्ट में संचालित करने और रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए।



स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने अभिभावकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बिना अनुमति अवकाश लेने वाले शिक्षकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में सभी शिक्षक नियमानुसार पूर्व स्वीकृति लेकर ही अवकाश लें।


निरीक्षण में विद्यालयों में प्रकाश व्यवस्था की कमी भी सामने आई, जिस पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से ब्रह्मपुरी (T-1) स्थित विद्यालय में शौचालयों की खराब स्थिति और साफ-सफाई में कमी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।



इस अवसर पर स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने कहा की दिल्ली नगर निगम विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ वातावरण और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान जो कमियां सामने आई हैं, उन्हें गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रों की संख्या बढ़ाने, शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और विद्यालयों के समग्र वातावरण को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं मिल सकें।

स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने टाउन हॉल, चांदनी चौक के संरक्षण व पुनर्विकास योजना को मिली मंजूरी दी

दिल्ली

स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने चांदनी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल भवन के संरक्षण एवं एडैप्टिव रीयूज से जुड़े विस्तृत प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना दिल्ली की विरासत को संरक्षित करते हुए उसे आधुनिक स्वरूप में जनता के लिए पुनर्जीवित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है।



सत्या शर्मा ने बताया कि दिल्ली नगर निगम के स्वामित्व वाला यह 160 वर्ष पुराना टाउन हॉल भवन वर्ष 1861-66 के बीच ‘दिल्ली इंस्टीट्यूट’ के रूप में निर्मित हुआ था, जिसे 1866 में नगर निगम मुख्यालय में परिवर्तित किया गया। वर्ष 1935-39 के दौरान इसका विस्तार कर इसे दो मंजिला भवन के रूप में विकसित किया गया, जिसमें पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी विंग शामिल हैं। वर्ष 2012 तक यह भवन निगम मुख्यालय रहा, लेकिन उसके बाद से यह परिसर काफी हद तक खाली और अनुपयोगी पड़ा है।


उन्होंने कहा कि यह इमारत दिल्ली सरकार द्वारा अधिसूचित ग्रेड-1 हेरिटेज संरचना है, जो संरक्षण की सर्वोच्च श्रेणी में आती है। ऐसे में इसका पुनर्विकास पूरी तरह वैज्ञानिक तरीके और हेरिटेज मानकों के अनुरूप किया जाएगा, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान अक्षुण्ण बनी रहे।


सत्या शर्मा ने बताया कि 11 फरवरी 2026 को एमसीडी आयुक्त द्वारा साइट निरीक्षण किया गया, जिसमें इस परिसर के समग्र पुनर्विकास के लिए विशेषज्ञ एजेंसियों के सहयोग से कार्य करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (DTTDC) से संपर्क किया गया, जिसने इस परियोजना के लिए “टाउन हॉल इमर्सिव म्यूजियम एवं इंटरप्रिटेशन सेंटर” का कॉन्सेप्ट प्रस्ताव प्रस्तुत किया।


उन्होंने कहा कि 2 मार्च 2026 को आयोजित बैठक में इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसके बाद DTTDC ने 17 मार्च 2026 को पत्र के माध्यम से परियोजना के लिए इन-प्रिंसिपल मंजूरी का अनुरोध किया। यह प्रस्ताव भारत सरकार के “नेशनल मिशन फॉर डेवलपिंग फिफ्टी ग्लोबली कम्पेटिटिव टूरिज्म डेस्टिनेशन” के तहत पीएलआई आधारित डेस्टिनेशन मैनेजमेंट कॉन्सेप्ट के अनुरूप तैयार किया गया है।


सत्या शर्मा के अनुसार, प्रस्ताव के तहत टाउन हॉल को एक आधुनिक इमर्सिव म्यूजियम और इंटरप्रिटेशन सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें शाहजहानाबाद और टाउन हॉल के इतिहास को इंटरएक्टिव गैलरी, आर्काइव डिस्प्ले, डिजिटल तकनीक और मल्टीलिंगुअल सेवाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही शैक्षणिक कार्यक्रम, गाइडेड हेरिटेज वॉक, सार्वजनिक सहभागिता गतिविधियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, हेरिटेज रिटेल और फूड एंड बेवरेज सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।


उन्होंने बताया कि इस परियोजना को “डेवलप-ऑपरेट-मेंटेन मॉडल के तहत लागू किया जाएगा। इसमें एमसीडी पर कोई पूंजीगत व्यय नहीं आएगा, जबकि स्वामित्व और नियंत्रण पूरी तरह एमसीडी के पास ही रहेगा। परियोजना के क्रियान्वयन के लिए एमसीडी, DTTDC और कंसेशनायर के बीच त्रिपक्षीय समझौता किया जाएगा। ऑपरेटर को राजस्व सृजन और संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी, जबकि हेरिटेज संरक्षण मानकों का पालन अनिवार्य होगा।


सत्या शर्मा ने बताया कि परियोजना से राजस्व के प्रमुख स्रोतों में संग्रहालय प्रवेश शुल्क, हेरिटेज सर्किट पैकेज, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए स्थल किराया, हेरिटेज रिटेल और फूड एंड बेवरेज सेवाएं शामिल होंगी।


उन्होंने कहा कि यह परियोजना लगभग 36 महीनों में चार चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण (1-8 माह) में संरचनात्मक आकलन, कंजरवेशन प्लान, रूट मैपिंग और हितधारकों से परामर्श किया जाएगा। दूसरे चरण (9-20 माह) में संरक्षण कार्यों का क्रियान्वयन और वित्तीय मॉडल तैयार किया जाएगा। तीसरे चरण (21-30 माह) में म्यूजियम फिट-आउट, डिजिटल इंटरप्रिटेशन, गैलरी विकास और स्टाफ प्रशिक्षण होगा। चौथे चरण (33 माह के बाद) में परियोजना का सार्वजनिक उद्घाटन, हेरिटेज सर्किट लॉन्च और संचालन शुरू किया जाएगा।


सत्या शर्मा ने स्पष्ट किया कि परियोजना की कुल लागत, फंडिंग व्यवस्था, राजस्व साझेदारी, संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारियां और कंसेशन अवधि जैसे पहलुओं को विस्तृत अध्ययन, व्यवहार्यता विश्लेषण और सभी हितधारकों के परामर्श के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके लिए DTTDC को डीपीआर तैयार करने, तकनीकी एवं वित्तीय व्यवहार्यता अध्ययन करने, पीपीपी/DOM मॉडल तैयार करने, राजस्व संरचना विकसित करने और नेशनल मिशन के तहत प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई है।


उन्होंने कहा कि यह मॉडल एमसीडी के लिए कम जोखिम और अधिक प्रभाव वाला साबित होगा, जिससे बिना वित्तीय बोझ के एक ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण और पुनर्जीवन संभव होगा। इससे चांदनी चौक में पर्यटन और फुटफॉल बढ़ेगा, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और निगम के लिए स्थायी राजस्व के नए स्रोत विकसित होंगे।


सत्या शर्मा ने कहा कि टाउन हॉल का यह पुनर्विकास दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे संरक्षित एवं जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यूथ कांग्रेस का शर्टलेस आंदोलन सराहनीय और ऐतिहासिक : इमरान प्रतापगढ़ी

उदयभानु की ज़मानत का मतलब लोकतांत्रिक प्रदर्शन आपका अधिकार 


नई दिल्ली। 


कांग्रेस राज्यसभा सांसद और अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने भारतीय युवक कांग्रेस के नेताओं को सम्बोधित करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों का विरोध किया और भारतीय युवक कांग्रेस के आंदोलन की सराहना की। 



सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि यह शर्टलेस आंदोलन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की याद दिलाता है और साथ ही साथ पुलिस को याद रखना चाहिए कि सरकारें तो आती-जाती रहती हैं लेकिन नागरिकों को अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से नहीं रोकना चाहिए और यह हक हमारे देश का संविधान हमारे नागरिकों को देता है और जब जब देश की सरकार अपनी हठधर्मी और गलत नीतियों से हमारे अधिकारों का पतन करने पर उतारू हो तो सारे देश के नागरिकों को सरकार को जगाने के लिए और अपने हितों की रक्षा करने के लिए आंदोलन करना चाहिए और सभी से डॉ. भीमराव अंबेडकर के लिखे हुए संविधान की रक्षा पर जोर दिया। 


इमरान प्रतापगढ़ी ने अपने भाषण में कहा कि यदि सरकार “Shameless”, प्रशासन “Careless”, मीडिया “Pointless” और प्रधानमंत्री “Useless” हो जाए, तो यूथ कांग्रेस भी अपने विरोध को शर्टलेस होकर व्यक्त कर सकते हैं। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने यूथ कांग्रेस के नेताओं के इस विरोध को विरोध का बिल्कुल सही तरीका बताया और इस आंदोलन की गांधी जी के आंदोलन से तुलना की।

भारतीय युवक कांग्रेस के मुख्यालय में कांग्रेस के युवा नेताओं को संबोधित करते हुए प्रतापगढ़ी ने वर्तमान राजनीतिक हालात और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव (अमेरिका आदि) का उल्लेख भी किया और पूछा कि ऐसी क्या वजह है कि नरेंद्र मोदी जी ने अगर हमारा यूथ शर्टलेस होकर प्रदर्शन करता है तो उनके घरों में रात में पुलिस भेज कर दबिश क्यों दी जा रही है,ऐसा क्या किया है जो रातों को बेबुनियाद मुकदमा बनाकर झूठी धाराएं लगाकर रातों को गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने भी यूथ कांग्रेस से यही कहा है उन्होंने शर्टलेस होकर कोई अपराध नहीं किया है और अपने विरोध को व्यक्त किया है और सरकार और पुलिस को भी यह समझना चाहिए कि ज़ुल्म को सहना भी उतना बड़ा जुर्म है जितना बड़ा जुर्म करना। 


भारतीय युवक कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभानु चिब की ज़मानत पर खुशी ज़ाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि हमें देश की न्यायपालिका में पूरा भरोसा विश्वास है और सरकार और पुलिस की मिलीभगत की तानाशाही का जवाब न्यायपालिका ने दे दिया है कि लोकतंत्र में प्रदर्शन करना अपने हितों की रक्षा करना हमारा अधिकार है और इमरान प्रतापगढ़ी ने कांग्रेस पार्टी के लीगल विभाग और सभी वकीलों को इस बात के लिए मुबारकबाद दी कि उनकी बेहतर कोशिशों और पैरवी के आगे भाजपा सरकार की हार हुई और न्यायपालिका ने जमानत देकर राहत देने का काम किया

वर्दी पहनकर रौब गांठ रहा फर्जी दारोगा पकड़ा गया!

 कानपुर- 

वर्दी पहनकर रौब गांठ रहा फर्जी दारोगा पकड़ा गया।



अनवरगंज पुलिस ने फर्जी दारोगा संजय सिंह को किया गिरफ्तार।

उन्नाव निवासी संजय सिंह लखनऊ के अधिकारी की कार लेकर करता था वसूली।

अनवरगंज पुलिस फर्जी दारोगा संजय सिंह से कर रही पूंछताछ।

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