सरकारी जमीनों पर अवैध पार्किंग से हर महीने तीस लाख रुपये वसूल रहे माफिया

नीरज अवस्थी दिल्ली


सरकारी जमीनों पर अवैध पार्किंग से हर महीने तीस लाख रुपये वसूल रहे माफिया


दस अवैध पार्किंग में खड़े होते हैं एक हजार वाहन एक दिन के सौ रुपये लिए जाते हैं





पूर्वी दिल्लीः उत्तर-पूर्वी जिले में पार्किंग माफिया के आगे दिल्ली नगर निगम बेबस दिख रहा है।


अलग-अलग इलाकों में चल रहीं 10 अवैध पार्किंग में रोजाना लगभग 1000 वाहन खड़े किए जाते हैं। एक वाहन से एक दिन के करीब 100 रुपये लिए जाते हैं, जिससे 1000 वाहनों से एक महीने में करीब तीस लाख रुपये वसूले जा रहे हैं। सरकारी जमीनों व सड़कों पर यह अवैध खेल धड़ल्ले से चल रहा है।


अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक के लिए ये अवैध पार्किंग कमाई का जरिया बनी हुई हैं। चुनाव के दौरान ये माफिया नेताओं के फाइनेंसर भी बन जाते हैं। नगर निगम के आरपी सेल के कंधों पर इन अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी है, लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं होती।


आरोप है कि सरकारी जमीनों का इस्तेमाल करके संगठित तरीके से अवैध पार्किंग का खेल चलाया जा रहा है। न्यू उस्मानपुर थाने के पास अवैध पार्किंग का खेल सबसे बड़ा है। यहां पार्किंग में रोशनी करने के लिए डीडीए के नाले में से होकर


न्यू उस्मानपुर थाने के पास नाले से तार डालकर धड़ल्ले से


बिजली चोरी


अधिकारियों को धमकाने के लिए निगम के वरिष्ठ नेता के फोटो का इस्तेमाल


बना हुआ है। आरोप है कि पार्किंग माफिया नाले में छिपाकर डाले गए तारों से बिजली चोरी कर रहे हैं। इस संबंध में बीएसईएस का कहना हैं कि यदि बिजली चोरी हो रही है, तो जांच कर सख्त कार्रवाई जरूर की जाएगी।


प्रस्तावित डीएम कार्यालय की जमीन पर फिर कब्जा: पार्किंग माफिया का रसूख किस हद तक है, इसे इससे समझा जा सकता है कि प्रस्तावित


विकास मार्ग पर शकरपुर स्कूल ब्लाक के पास सड़क पर होती अवैध पार्किंग


इन लोगों पर है कार्रवाई की जिम्मेदारी


कनिका सिंह, निगम उपायुक्त आरपी सेल।


आरके भार्गव, सहायक आयुक्त आरपी सेल।


कन्हैया लाल यादव, न्यू उस्मानपुर थानाध्यक्ष ।


रिजवान अहमद, एई डीडीए। नू


जिलाधिकारी (डीएम) ने मंगलवार को ही इस पार्किंग को खाली करवाया था, लेकिन बुधवार को माफिया ने इस पर फिर से कब्जा कर लिया। आरोप है कि आरपी सेल व डीडीए के कुछ अधिकारी और न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस के साथ मिलकर माफिया बेखौफ होकर पार्किंग चला रहे हैं। इन अवैध पार्किंग में डग्गामार बसों के अवैध अड्‌डे भी संचालित हैं। इस


डीडीए के नाले में पार्किंग माफिया ने बिजली के तार की लाइन डाली हुई है


इन पर है अवैध पार्किंग चलाने का आरोप


अभयराज तिवारी


सावन जायसवाल


गुलजार


के फोटो भेजे गए। काल व मैसेज के जरिये उनसे पूछा गया कि वह इस पर क्या कार्रवाई करेंगी, लेकिन उन्होंने न तो काल उठाई और न ही मैसेज का कोई जवाब दिया।


आरोपः निगम के वरिष्ठ नेता का पार्किंग माफिया पर हाथ : स्थानीय लोगों का आरोप है कि पार्किंग माफिया के सिर पर निगम के एक वरिष्ठ नेता का हाथ है। इन माफिया के उस नेता के साथ फोटो भी हैं ।

संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 — 'जेल में रहने पर पद से हटाना' कानून के विरुद्ध सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव का वक्तव्य

 प्रेस विज्ञप्ति

राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, सांसद, पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र, बिहार


दिनांक: 02 जुलाई, 2026


 


विषय: संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 — 'जेल में रहने पर पद से हटाना' कानून के विरुद्ध सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव का वक्तव्य



पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध बताया है। यह विधेयक प्रावधान करता है कि यदि प्रधानमंत्री, कोई मुख्यमंत्री अथवा कोई मंत्री ऐसे गंभीर अपराध के आरोप में, जिसमें पांच वर्ष या उससे अधिक की सजा हो सकती है, गिरफ्तार होकर लगातार तीस दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहता है, तो उसे इकतीसवें दिन स्वतः पद छोड़ना होगा।


सांसद पप्पू यादव ने निम्नलिखित बिंदुओं पर सरकार को घेरते हुए कहा:


•  दोष सिद्ध हुए बिना दंड — यह प्रावधान न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि पर नहीं, केवल पुलिस हिरासत पर आधारित है। तीस दिनों में अधिकांश मामलों में आरोप-पत्र तक दाखिल नहीं हो पाता, आरोप तय होना तो दूर की बात है। यह "जब तक दोष सिद्ध न हो, तब तक निर्दोष" के मूल संवैधानिक सिद्धांत का सीधा उल्लंघन है।

•  राजनीतिक प्रतिशोध का हथियार — केंद्र सरकार अपनी जांच एजेंसियों (ईडी, सीबीआई) के माध्यम से किसी भी विपक्षी मुख्यमंत्री अथवा मंत्री को कमजोर आधार पर तीस दिनों तक हिरासत में रखवाकर, बिना किसी जनादेश अथवा मतदान के, उसकी निर्वाचित सरकार को गिरा सकती है।

•  संघीय ढांचे पर आघात — राज्यों के मुख्यमंत्रियों को हटाने की शक्ति व्यावहारिक रूप से राज्यपाल के माध्यम से केंद्र के हाथों में चली जाती है, जिससे राज्यों की चुनी हुई सरकारों की स्वायत्तता गंभीर रूप से प्रभावित होती है।

•  न्यायिक व्यवस्था की धीमी गति का दुरुपयोग — देश की अदालतों में जमानत मिलने में ही महीनों लग जाते हैं। ऐसी स्थिति में तीस दिनों की हिरासत किसी भी निर्दोष जनप्रतिनिधि के साथ हो सकती है, जिसका सीधा लाभ सत्तापक्ष उठा सकता है।

•  दोहरा मापदंड — जब तक कोई विधायक अथवा सांसद दोषी सिद्ध नहीं होता, वह चुनाव लड़ सकता है और सदन की सदस्यता बरकरार रखता है। फिर केवल प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री पद के लिए ही यह असाधारण रूप से कठोर नियम क्यों?

•  भविष्य के लिए खतरनाक मिसाल — एक बार यह कानून बन जाने पर, चाहे किसी भी दल की सरकार हो, इसका प्रयोग भविष्य में विपक्ष के विरुद्ध राजनीतिक हथियार के रूप में किया जाता रहेगा, जिससे देश की लोकतांत्रिक परंपराएं स्थायी रूप से कमजोर होंगी।

सांसद पप्पू यादव ने कहा कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जेल से सरकार चलाने की घटना को आधार बनाकर लाया गया यह विधेयक वास्तव में सत्तापक्ष को भविष्य में विपक्षी सरकारों को अस्थिर करने का एक संवैधानिक औजार देने का प्रयास है। उन्होंने मांग की कि यह विधेयक संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) की समीक्षा में इन सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करे तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप, दोषसिद्धि को ही पद हटाने का आधार बनाया जाए, न कि मात्र हिरासत को।


दिल्ली नगर निगम की राजनीति में बड़ा उलटफेर! IVP का भाजपा में विलय तय, 15 पार्षद थाम सकते हैं भाजपा का दामन

नीरज अवस्थी 


 ब्रेकिंग

दिल्ली नगर निगम की राजनीति में बड़ा उलटफेर! IVP का भाजपा में विलय तय, 15 पार्षद थाम सकते हैं भाजपा का दामन



नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की राजनीति में जल्द बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। चर्चा है कि इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय होने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के 15 पार्षद भी जल्द भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

बताया जा रहा है कि IVP के गठन के करीब 14 महीने बाद ही यह बड़ा फैसला लिया जा रहा है। यदि यह विलय होता है, तो एमसीडी में भाजपा की स्थिति और मजबूत हो सकती है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि भाजपा में शामिल होने वाले पार्षदों को विभिन्न जोनों और स्थायी समिति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।

इस संभावित विलय को दिल्ली नगर निगम की राजनीति के लिए अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। यदि सभी 15 पार्षद भाजपा में शामिल होते हैं, तो एमसीडी के शक्ति संतुलन पर इसका सीधा असर पड़ सकता है और आने वाले समय में निगम की राजनीतिक रणनीतियों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

हालांकि, अभी तक भाजपा और इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी की ओर से विलय को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में सभी की निगाहें इस संभावित राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

शकरपुर के स्पा सेंटर पर ACP की रेड, 8 युवतियां और 7 युवक हिरासत में; देह व्यापार की आशंका की जांच

नीरज अवस्थी दिल्ली 


शकरपुर के स्पा सेंटर पर ACP की रेड, 8 युवतियां और 7 युवक हिरासत में; देह व्यापार की आशंका की जांच 



पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके में स्थित एक स्पा सेंटर पर शिकायत मिलने के बाद एसीपी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने देर रात छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने स्पा सेंटर से 8 युवतियों और 7 युवकों को हिरासत में लिया। सभी से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है।


सूत्रों के अनुसार, स्पा सेंटर में कथित रूप से देह व्यापार संचालित होने की शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वहां किसी संगठित अवैध गतिविधि का संचालन हो रहा था या नहीं।


इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। साथ ही यह सवाल भी उठ रहे हैं कि यदि जांच में अवैध गतिविधियों की पुष्टि होती है, तो क्या स्थानीय स्तर पर किसी की लापरवाही या मिलीभगत रही है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।


पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।

शिकायत मिलने पर शकरपुर के चर्चित कथित वेश्यालय स्माइल स्पा सेंटर पर एसीपी ने करी असली रेड,

दिल्ली



नीरज अवस्थी 


शिकायत मिलने पर शकरपुर के चर्चित कथित वेश्यालय स्माइल स्पा सेंटर पर एसीपी ने करी असली रेड, कई असली पुलिस वाले परेशान,कई पुलिस संग फोटो खिचवाऊ दोस्त परेशान । बीट वालो की सेटिंग से चल रहे सट्टे आदि के कई अड्डों पर हो सकती है रेड। गौरतलब है कि देर रात पूर्वी जिला के शकर पुर इलाके में एक सपा सेंटर के अन्दर जिस्म फरोशी का काम किया जा रहा था सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एसीपी ने टीम बनाकर स्माइल सपा सेंटर में छापा मारा, जहां पुलिस ने 8 लड़कियां और 7 लड़कों को पकड़ा ,पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। सवाल यही है कि क्या पुलिसिया मिलीभगत के ये अड्डे चल सकते है।

दिल्ली स्पा की आड़ में चल रहा था देह व्यापार?

दिल्ली


नीरज अवस्थी 


दिल्ली के पहाड़गंज थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर पंचकुइयां रोड स्थित SIN SPA पर छापा मारकर स्पा की आड़ में चल रहे कथित देह व्यापार ? रैकेट का भंडाफोड़ किया है मालिक व मैनेजर अजय मल्होत्रा को गिरफ्तार किया चार महिलाओं को रेस्क्यू किया गया, पुलिस पूरे मामले की जांच में लगी है पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है, आने वाले समय मे कुछ और लोगो की गिरफ्तारी हो सकती है पुलिस कार्यवाही का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है

शाहदरा स्पेशल स्टाफ की बड़ी कामयाबी: दो शराब तस्कर गिरफ्तार, 14,350 क्वाटर अवैध शराब और दो गाड़ियां जब्त

 

शाहदरा दिल्ली, 

24 जून 2026: 


दिल्ली पुलिस की शाहदरा जिला की स्पेशल स्टाफ टीम ने अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने विवेक विहार थाना इलाके में जाल बिछाकर दो शातिर शराब तस्करों (बूटलेगर्स) को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से भारी मात्रा में 14,350 क्वाटर अवैध शराब (287 पेटी) बरामद की गई है। इसके साथ ही शराब की सप्लाई में इस्तेमाल होने वाली एक मारुति अर्टिगा कार और टाटा इंट्रा पिकअप वाहन को भी जब्त किया गया है। 




कस्तूरबा नगर अंडरपास के पास दबोचा

22 और 23 जून 2026 की दरमियानी रात स्पेशल स्टाफ को विवेक विहार इलाके में अवैध शराब की बड़ी खेप आने की पुख्ता सूचना मिली थी। शाहदरा जिला के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीना के निर्देश और एसीपी (ऑपरेशंस) मोहिंदर सिंह की देखरेख में स्पेशल स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर आशीष कुमार के नेतृत्व में एक बड़ी टीम का गठन किया गया। इस टीम में एसआई मानवेंद्र, एसआई राजकुमार सहित कुल 18 पुलिसकर्मी शामिल थे।

पुलिस टीम ने कस्तूरबा नगर अंडरपास (विवेक विहार) के पास रणनीतिक रूप से जाल बिछाया। रात करीब 12:25 बजे एक ग्रे रंग की मारुति अर्टिगा कार (HR-14V-XXXX) आती हुई दिखाई दी। मुखबिर के इशारा करते ही पुलिस ने गाड़ी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन ड्राइवर ने भागने की कोशिश की। अलर्ट पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी कर गाड़ी को रोक लिया और चालक को दबोच लिया, जिसकी पहचान संदीप (22 वर्ष) के रूप में हुई। अर्टिगा कार की तलाशी लेने पर उसमें से 59 पेटी अवैध शराब बरामद हुई, जिस पर "सिर्फ हरियाणा में बिक्री के लिए" लिखा हुआ था। इसके बाद विवेक विहार थाने में दिल्ली आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

अर्टिगा चालक की निशानदेही पर पकड़ा गया दूसरा तस्कर

गिरफ्तार आरोपी संदीप से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने दिल्ली में अवैध शराब की सप्लाई करने वाले अपने एक और साथी के बारे में बताया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदीप की निशानदेही पर छापेमारी की और दूसरे आरोपी गोल्डी (24 वर्ष) को भी दबोच लिया।

गिरफ्तारी के वक्त गोल्डी एक सफेद रंग के टाटा इंट्रा पिकअप वाहन (HR-67E-XXXX) के साथ मौजूद था। जब पुलिस ने इस पिकअप वाहन की तलाशी ली, तो उसमें से भारी मात्रा में 228 पेटी अवैध शराब बरामद की गई। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कुबूल किया कि वे कम समय में मोटी कमाई करने के चक्कर में हरियाणा से सस्ते दामों में शराब लाकर दिल्ली में अवैध रूप से ऊंचे दामों पर बेचते थे।

बरामदगी और आरोपियों का आपराधिक इतिहास

कुल बरामदगी:

अवैध शराब: 287 पेटियां (कुल 14,350 क्वाटर, फॉर सेल इन हरियाणा)

वाहनों की जब्ती: एक मारुति अर्टिगा कार और एक टाटा इंट्रा पिकअप वाहन

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